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Noida की इस पॉश सोसायटी में प्राधिकरण का नोटिस..रेजिडेंट्स हैरान

दिल्ली NCR नोएडा
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Noida News: नोएडा की एक पॉश सोसायटी को प्राधिकरण ने नोटिस भेजा है। आपको बता दें कि नोएडा सेक्टर-93बी (Noida Sector-93B) स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी (Grand Omaxe Society) में प्लॉट संख्या 01, 02, 03 के साथ दर्जनों ऐसे फ्लैट हैं, जिनका बकाया बिल्डर ने प्राधिकरण के पास नहीं जमा किया है। इसके कारण से सोसाइटी में फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। कुछ फ्लैट्स में इनके मालिक भी रहते हैं, जबकि ज्यादातर ने किराए पर दे दिया है। अचानक से प्राधिकरण ने बोर्ड पर नोटिस लगाया है, जिसके कारण से इन निवासियों के होश फाख्ता हैं। प्राधिकरण द्वारा लगाई गई नोटिस में लिखा है कि अगर बिल्डर ने 544.82 करोड़ रुपये प्राधिकरण का बकाया जमा नहीं किया, तो प्लॉट के कुछ फ्लैट्स पर आवंटन कैंसिल (Allotment Cancelled) करने के साथ सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
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नोएडा-ग्रेनो में कई ऐसी सोसाइटी हैं, जहां पर बायर्स ने तो बिल्डर को अपना पूरा बकाया जमा कर दिया है लेकिन बिल्डर ने प्राधिकरण को बकाया नहीं जमा किया है, जिसका हर्जाना आज तक बायर्स भुगत रहे हैं। किसी की रजिस्ट्री रुकी हुई है तो किसी को अभी तक पजेशन नहीं मिला और अगर पजेशन मिला है, तो वो निवासी अपने फ्लैट पर जीवन की मोटी कमाई लगाने के बाद भी मालिकाना हक नहीं पा रहे हैं। वे बिल्डर सहित प्राधिकरण के ऑफिस के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। लेकिन प्राधिकरण ने बिल्डर के बकायेदार में छूट और किस्तों में जमा करने का भी ऑफर दिया है, जिस क्रम में कई बिल्डर आगे आ रहे हैं। वे बकाया जमा करने के साथ ही अपने प्रोजेक्ट को साफ सुथरा बनाने की भी कोशिश में हैं और उन निवासियों की प्राधिकरण रजिस्ट्री भी करा रहा है।

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कभी भी कैसिंल हो सकती है फ्लैट्स की लीज

बता दें कि प्राधिकरण द्वार सोसाइटी के बाहर बोर्ड पर नोटिस लगाकर निवासियों को बताया गया है कि ग्रुप हाउसिंग प्लॉट संख्या 01, 02, 03 सेक्टर-93बी नोएडा स्थित एक फर्म पर 544.82 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके कारण इन प्लॉट की सभी कार्यवाही पर रोक लगाई गई है और कुछ फ्लैट्स की लीज को कभी भी कैंसिल किया जा सकता है। इसके साथ ही प्राधिकरण द्वारा इन फ्लैट्स को अटैच करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस बारे में हमने वहां के कुछ फ्लैट्स मालिकों और किराए पर रहे लोगों से बात की, तो उन्होंने बताया कि इसमें उनकी कोई कमी नहीं, उन्होंने अपना कुल बकाया बिल्डर को दे दिया है लेकिन बिल्डर की कमी को हमारे सिर पर क्यों डाला जा रहा है। हम इसका खामियाजा क्यों भुगतें। इसका जिम्मेदार तो बिल्डर है।