Ankita Bhandari Murder Case

Ankita Bhandari Murder Case: तीनों आरोपियों को उम्रकैद, CM धामी बोले- यह न्याय की जीत

उत्तराखंड राजनीति
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मुख्यमंत्री ने कहा- बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार संकल्पबद्ध

Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) हत्याकांड में कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि यह रसूखदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का स्पष्ट संदेश देता है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने कहा, ‘अंकिता भंडारी हमारी पहाड़ों की बेटी और बहन थी। इस जघन्य घटना के बाद हमने उसे न्याय दिलाने का संकल्प लिया था। हमारी सरकार ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। महिला आईपीएस की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई, जिसके चलते आरोपियों को जमानत नहीं मिली और आज उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।’ उन्होंने कहा कि सरकार अंकिता के परिवार के लगातार संपर्क में रही और उनकी मांग पर तीन बार वकील बदले गए, जिससे उनकी बात पूरी मजबूती से कोर्ट में रखी जा सके।

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तेज और पारदर्शी जांच प्रक्रिया

हत्याकांड के सामने आते ही उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) ने त्वरित कार्रवाई की। मामले को गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज कर कानूनी धाराएं सख्त की गईं, जिससे आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में मदद मिली। करीब 100 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो एक रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखता था, के खिलाफ किसी भी राजनीतिक या बाहरी दबाव को प्रभावी नहीं होने दिया गया।

सियासी घमासान के बावजूद न्याय की जीत

इस मामले को लेकर सियासी विवाद भी खड़ा हुआ, जिसमें कुछ लोगों ने न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए और जनता को भड़काने की कोशिश की। हालांकि, सरकार ने किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया और जांच को पारदर्शी व निष्पक्ष रखा। सीएम धामी ने कहा, ‘यह फैसला हमारी बेटियों की सुरक्षा और न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारी सरकार भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।’

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कानून से ऊपर कोई नहीं

सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने जोर देकर कहा कि इस केस ने साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी रसूखदार हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता। उत्तराखंड सरकार की सक्रियता और तेज न्यायिक प्रक्रिया ने जनता का भरोसा मजबूत किया है। यह फैसला न केवल अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में सफल रहा, बल्कि अन्याय के खिलाफ एक मजबूत उदाहरण भी स्थापित करता है।