उत्तराखंड में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की तैयारी
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की तैयारी की है। अब सर्दियों में भी पर्यटक गंगोत्री नेशनल पार्क में दुर्लभ स्नो लेपर्ड्स (Snow Leopards) को देखने का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे। यह पहल लद्दाख के हेमिस नेशनल पार्क (Hemis National Park) की तर्ज पर की जा रही है, जहां साल भर पर्यटकों को स्नो लेपर्ड्स देखने का मौका मिलता है।

सर्दियों में बंद रहता था गंगोत्री नेशनल पार्क
गंगोत्री नेशनल पार्क, जो अब तक सर्दियों में बंद रहता था, भविष्य में पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, यही वह समय होता है जब बर्फबारी के चलते हिम तेंदुए निचले इलाकों की ओर आते हैं और उन्हें देखने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
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लंका क्षेत्र बनेगा स्नो लेपर्ड्स संरक्षण केंद्र
उत्तरकाशी जिले के भैरों घाटी क्षेत्र में स्थित लंका की पहाड़ियों, घाटियों और घने जंगलों को स्नो लेपर्ड्स (Snow Leopards) संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह क्षेत्र गंगोत्री नेशनल पार्क का हिस्सा है और यहां करीब 50 हिम तेंदुए मौजूद हैं। योजना को अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार से मिलनी बाकी है।
लद्दाख के अनुभव से मिलेगा मार्गदर्शन
लद्दाख का हेमिस नेशनल पार्क स्नो लेपर्ड्स (Snow Leopards) ईको-टूरिज्म का एक वैश्विक केंद्र बन चुका है, जहां शून्य से भी नीचे के तापमान में पर्यटक स्नो लेपर्ड्स देखने पहुंचते हैं। उत्तराखंड सरकार भी इसी मॉडल को अपनाकर राज्य में सर्दियों के पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है।
रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे
राज्य का वन विभाग और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) मिलकर इस संरक्षण केंद्र को विकसित कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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राज्य में 86 हिम तेंदुए
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में हिम तेंदुओं की कुल संख्या 86 है। ये आमतौर पर समुद्र तल से 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी और अल्पाइन क्षेत्रों में पाए जाते हैं। यदि योजना सफल रही तो उत्तराखंड भी सर्दियों में वाइल्डलाइफ टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है।
