Jharkhand News: रांची, 19 जुलाई। झारखंड के पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने खूंटी जिले के बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (BIMS) में एक आदिवासी महिला की मौत के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला की मृत्यु कथित रूप से गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ाए जाने के कारण हुई और यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का मामला होगा।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग
अपने पत्र में अर्जुन मुंडा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा यदि चिकित्सीय लापरवाही की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों के विश्वास को प्रभावित करती हैं।
आदिवासी क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुंडा ने पत्र में आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा की भी मांग की। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पिछली घटनाओं का भी किया उल्लेख
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में वर्ष 2025 में पश्चिमी सिंहभूम जिले में थैलेसीमिया से पीड़ित पांच आदिवासी बच्चों को कथित रूप से एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य व्यवस्था में संस्थागत सुधार और प्रभावी निगरानी तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
मामले की जांच की मांग तेज
यह मामला खूंटी स्थित बिरसा अस्पताल में आदिवासी महिला बुधन पूर्ति की मौत से जुड़ा है। मामले को लेकर विपक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और सरकार से पारदर्शी जांच के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस पत्र पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
