Punjab News: चंडीगढ़, 14 जुलाई। पंजाब सरकार ने राज्य के कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठकें कर उनकी समस्याएं सुनीं और सभी वैध मांगों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। यह बैठकें कर्मचारी कल्याण और प्रशासनिक संवाद को मजबूत करने की राज्य सरकार की पहल का हिस्सा हैं।
कर्मचारी संगठनों ने उठाए वेतन, नियमितीकरण और तबादलों के मुद्दे
बैठकों में शिक्षक संगठनों, अनुबंध कर्मचारियों और ग्रामीण चिकित्सा प्रैक्टिशनर्स के प्रतिनिधियों ने वेतन निर्धारण, नियमितीकरण, तबादलों, सेवा शर्तों और प्रशिक्षण से जुड़े मुद्दे रखे। वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वित्तीय स्वीकृति वाले मामलों पर भी तेजी से होगा निर्णय
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जिन मामलों में वित्त विभाग की मंजूरी आवश्यक है, उनके प्रस्ताव जल्द तैयार कर भेजे जाएं ताकि समयबद्ध तरीके से निर्णय लिया जा सके। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनकी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
संवाद से समाधान पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद से समस्याओं का बेहतर समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनावश्यक प्रशासनिक देरी समाप्त कर मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों का विश्वास और मजबूत हो।
कर्मचारी हितों को प्राथमिकता देने का दावा
पंजाब सरकार का कहना है कि कर्मचारियों के कल्याण, वित्तीय सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण को सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखते हुए उनकी जायज मांगों का शीघ्र समाधान करना है।
