Chhattisgarh News:उद्योगों के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई साझेदारी, 31 जुलाई तक वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को 31 जुलाई तक वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

33 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट और प्रति हेक्टेयर 2,500 पौधे लगाने के निर्देश

बैठक में उद्योगों को अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक हेक्टेयर में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने और त्रि-स्तरीय हरित पट्टी विकसित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने पीपल, नीम, आम, शिरीष और कटहल जैसी देशी एवं दीर्घायु प्रजातियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।

वृक्षारोपण की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग

मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि इस वर्ष वृक्षारोपण अभियान की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी और सभी औद्योगिक इकाइयों को समय पर पोर्टल पर जानकारी दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल कानूनी दायित्व नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति नैतिक जिम्मेदारी भी है। उद्योगों से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत भी बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने की अपील की गई।

नवा रायपुर को बनाया जाएगा ‘पीपल सिटी’

मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पहले लगाए गए लगभग 70 हजार पौधों के अलावा अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि सेंध (Sendh) लेक के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। इस परियोजना से लगभग 12 लाख घन मीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित होगी। झील के बीच स्थित तीन एकड़ के द्वीप पर मियावाकी तकनीक से करीब 25 हजार पौधे लगाए गए हैं, जहां भविष्य में प्राकृतिक बर्ड आइलैंड (ईको-हब) विकसित किया जाएगा।

इस वर्ष 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य

पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 22 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है। वर्ष 2026 के लिए 25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे उद्योगों के सहयोग से 30 लाख से अधिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य के 320 से अधिक उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली के जरिए प्रदूषण की निगरानी की जा रही है। उद्योगों को पुनर्चक्रित जल के उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल वृक्षों के रोपण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।

विकसित छत्तीसगढ़ के लिए हरित विकास पर जोर

बैठक में पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और जीवित रहने की दर से तय होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य औद्योगिक विकास के साथ हरित विकास को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य बनाना है।