Uttarakhand News: ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत, किसानों के लिए ₹369 करोड़ की योजनाओं का बड़ा तोहफा

उत्तराखंड
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Uttarakhand News: रुद्रपुर, 27 जून 2026: उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित गांधी मैदान में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। कार्यक्रम में किसानों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की गईं और ₹369.66 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

इस दौरान ₹46.32 करोड़ की लागत से तैयार 9 परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹323.34 करोड़ की 32 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।

खेत बचेंगे तो भविष्य सुरक्षित रहेगा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेतों और मिट्टी का संरक्षण भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कृषि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि धरती माता की सेवा है और किसानों की सेवा ही उनके जीवन का सबसे बड़ा दायित्व है।

उत्तराखंड को मिलेगा ₹100 करोड़ का क्लीन प्लांट सेंटर

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि मुक्तेश्वर में सेब, अखरोट और बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन के लिए ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ और छोटी नर्सरी के लिए ₹2 करोड़ तक की सहायता दी जाएगी। चौबटिया में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जाएगा।

कीवी उत्पादन और किसानों के लिए नई योजनाएं

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन बढ़ाने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इसके अलावा जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग कार्य हेतु ₹65 करोड़ और ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्राकृतिक खेती पर दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने ‘खेत बचाओ अभियान’ को आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन बताया।

उन्होंने किसानों से नियमित मृदा परीक्षण कराने और प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की अपील की।

किसानों को मिल रही कई सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई निःशुल्क दी जा रही है और फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को मजबूत करने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी लागू की गई है।

बागवानी और कृषि अधोसंरचना पर फोकस

धामी ने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी और बागवानी उत्पादन बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

किसानों से जनभागीदारी का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं और संसाधन उपलब्ध करा सकती है, लेकिन कृषि क्षेत्र में स्थायी बदलाव किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव होगा।

उन्होंने किसानों से मिट्टी का स्वास्थ्य बचाने, प्राकृतिक खेती अपनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि संरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की।