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MP News: मोहन यादव का बड़ा फैसला, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 710 करोड़ रुपये का बोनस

मध्यप्रदेश
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MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने वन विभाग की समीक्षा बैठक में वन्यजीव संरक्षण, वन प्रबंधन और आदिवासी कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। इनमें तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 710 करोड़ रुपये से अधिक बोनस वितरण, वन्यजीवों के आदान-प्रदान और वन सुरक्षा के लिए नई टास्क फोर्स का गठन प्रमुख हैं।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 710 करोड़ रुपये का बोनस

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में प्रदेश में 17.76 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इसके बदले तेंदूपत्ता संग्राहकों को 710.71 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों और आदिवासी समुदायों की आय को मजबूती मिलेगी।

एमपी और अन्य राज्यों के बीच होगा वन्यजीवों का आदान-प्रदान

मुख्यमंत्री ने बताया कि Andhra Pradesh के साथ वन्यजीव आदान-प्रदान की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत मध्य प्रदेश से बाघ और गौर भेजे जाएंगे, जबकि बदले में वाइल्ड डॉग्स (जंगली कुत्ते) और अन्य वन्यजीव लाने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं Rajasthan से सोन चिरैया लाकर उन्हें घाटीगांव और गांधीसागर क्षेत्र में बसाने की तैयारी की जा रही है।

चीतों का विस्तार जारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में 52 चीते हैं, जिनमें से 32 का जन्म Kuno National Park में हुआ है।

इसके अलावा:

  • Veerangana Durgavati Tiger Reserve को चीतों के तीसरे घर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • जुलाई 2026 में Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary में दो और चीते छोड़े जाएंगे।

वन सुरक्षा के लिए बनेगी नई टास्क फोर्स

वनों में संगठित अपराधों और वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने नई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है।

साथ ही:

  • वन मुख्यालय में आधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा।
  • 24 घंटे वन और वन्यजीवों की निगरानी की जाएगी।
  • खनिज परिवहन से जुड़े शुल्कों में संशोधन की अनुमति भी दी गई है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष को बनाया जाएगा राज्य आपदा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मानव और वन्यजीव संघर्ष को राज्य आपदा घोषित करने की दिशा में प्रयास शुरू करने की घोषणा की।

इससे:

  • वन विभाग
  • पुलिस
  • प्रशासन
  • आपदा प्रबंधन बल

साझा रणनीति के तहत ऐसे मामलों का समाधान कर सकेंगे।

वन ग्रामों और देवस्थानों के विकास पर भी जोर

सरकार ने वन क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों की भागीदारी बढ़ाने के लिए:

  • 300 नए देवस्थानों के विकास का निर्णय लिया है।
  • 1,421 देवस्थानों का विकास पहले ही किया जा चुका है।
  • प्रदेश के 700 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने की प्रक्रिया जारी है।

वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर भी बनेंगे

वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के लिए:

  • Kanha National Park
  • Bandhavgarh National Park
  • Pench National Park
  • Panna National Park

सहित प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों के पास वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर विकसित किए जा रहे हैं।