Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान की शुरुआत हो गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा 17 जून से 26 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में “नशा मुक्त भारत सप्ताह” मनाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इस वर्ष अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” रखी गई है। इसके तहत राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
स्कूल और कॉलेजों में होंगे विशेष कार्यक्रम
नशा मुक्त भारत सप्ताह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कई जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। छात्रों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सेमिनार, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण समारोह, जागरूकता रैलियां और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग बताएगा सफल उदाहरण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन लोगों की प्रेरणादायक कहानियां साझा की जाएंगी जिन्होंने नशे की लत छोड़कर नया जीवन शुरू किया है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को यह विश्वास दिलाना है कि सही मार्गदर्शन और इच्छाशक्ति के बल पर नशे की आदत से छुटकारा पाया जा सकता है।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से दिया जाएगा संदेश
खेल एवं युवा कल्याण विभाग युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए फुटबॉल, हॉकी प्रतियोगिताओं और मैराथन जैसे आयोजनों का आयोजन करेगा।
वहीं नेहरू युवा केंद्र और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से ओपन माइक प्रतियोगिता, भाषण, समूह चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत, लोकनृत्य और पोस्टर अभियान भी चलाए जाएंगे।
गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मानव श्रृंखला, शपथ कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मंत्रालय में दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ
महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने परिवार, मित्रों और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास
नशा मुक्त भारत सप्ताह का मुख्य उद्देश्य केवल नशे के नुकसान बताना नहीं है, बल्कि युवाओं को सकारात्मक जीवन मूल्यों, खेल, शिक्षा और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवा ऊर्जा को सही दिशा मिले तो समाज को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
स्वस्थ और विकसित समाज की ओर कदम
नशे की समस्या केवल व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। ऐसे में जनभागीदारी आधारित यह अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में कदम है, बल्कि विकसित और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
