MP News: मप्र दौरे पर राष्ट्रपति मुर्मु, बैतूल और ओंकारेश्वर में रहेंगी कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की मुख्य अतिथि

मध्यप्रदेश
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MP News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को अपने दो दिवसीय मध्य प्रदेश प्रवास के लिए इंदौर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य के आदिवासी विकास, आध्यात्मिक गतिविधियों और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैतूल में आदिवासी सशक्तीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन

इंदौर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति विशेष हेलिकॉप्टर से बैतूल रवाना हुईं। यहां वे एक बड़े आध्यात्मिक एवं सामाजिक सम्मेलन में शामिल होकर आदिवासी समाज के उत्थान और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। बैतूल में किसी भी राष्ट्रपति का यह पहला आधिकारिक दौरा माना जा रहा है, जिसके चलते जिले में उत्साह का माहौल है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति मिलानपुर स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद आयोजन स्थल तक जाएंगी। यहां वे स्मृति स्वरूप पौधरोपण करेंगी और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगी। इसके बाद मुख्य समारोह को संबोधित कर जनता और प्रतिनिधियों से संवाद करेंगी।

ओंकारेश्वर में करेंगी दर्शन और आरती

बैतूल कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ओंकारेश्वर पहुंचेंगी, जहां वे भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन में शामिल होंगी। शाम को आयोजित विशेष आरती में भी उनकी उपस्थिति रहेगी। मंदिर प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का सम्मान किया जाएगा।

ओंकारेश्वर प्रवास के दौरान उन्हें नर्मदा तट की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी अवगत कराया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशिष्ट अतिथियों को नर्मदेश्वर शिवलिंग भेंट किए जाने की तैयारी की गई है।

सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम में भी लेंगी हिस्सा

राष्ट्रपति अगले दिन अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सिकल सेल बीमारी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी की जाएगी।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए बैतूल, इंदौर और ओंकारेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और सभी कार्यक्रम स्थलों पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य के विकास, जनजातीय कल्याण और आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान देने वाला माना जा रहा है।