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Noida: नोएडा की सोसायटी में तेज रफ़्तार कार का कहर , पार्किंग में माँ-बेटी को रौंदा

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Noida: नोएडा की एक पॉश सोसाइटी में लापरवाही और तेज रफ्तार का खौफनाक नजारा देखने को मिला। सेक्टर-79 स्थित महागुन मिराविला सोसाइटी की बेसमेंट पार्किंग में एक तेज रफ्तार कार ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला और उसकी पांच वर्षीय बेटी को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों कार के नीचे फंसकर करीब 10 मीटर तक घिसटती चली गईं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है और सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पार्किंग में सामान लेकर फ्लैट जा रहा था परिवार

जानकारी के अनुसार, अरुण शर्मा अपनी पत्नी कितिका शर्मा और दो बेटियों के साथ सोसाइटी में रहते हैं। पति-पत्नी दोनों आईटी क्षेत्र में कार्यरत हैं। रविवार रात करीब 10:45 बजे परिवार कार से सामान निकालकर फ्लैट की ओर जा रहा था।

इसी दौरान बेसमेंट पार्किंग में एक होंडा अमेज कार तेज गति से मोड़ पर पहुंची और महिला व उसकी छोटी बेटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों कार के नीचे फंस गईं।

10 मीटर तक घिसटती रहीं मां-बेटी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद कार तुरंत नहीं रुकी और मां-बेटी करीब 10 मीटर तक कार के नीचे घिसटती चली गईं। महिला का पति किसी तरह छोटी बेटी को कार के नीचे से निकालने में सफल रहा, लेकिन महिला काफी देर तक कार के नीचे फंसी रही।

स्थानीय लोगों के मौके पर पहुंचने और शोर मचाने के बाद चालक कार से बाहर निकला। लोगों की मदद से कार उठाकर महिला को बाहर निकाला गया।

चार मिनट तक कार के नीचे फंसी रही महिला

हादसे के बाद महिला करीब चार मिनट तक कार के नीचे फंसी रही। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर मां-बेटी को अस्पताल पहुंचाया गया। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन महिला की हालत गंभीर बताई गई।

पसलियां टूटीं, कॉलर बोन फ्रैक्चर

परिजनों के अनुसार, महिला की तीन पसलियां टूट गई हैं, कॉलर बोन में फ्रैक्चर हुआ है और सिर में भी चोट लगी है। इतना ही नहीं, कार के इंजन की गर्मी से उनके पेट का हिस्सा भी झुलस गया। अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया है और इलाज जारी है।

पार्किंग में तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि पार्किंग क्षेत्र में गति सीमा 10 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है, लेकिन आरोपी चालक की कार लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। घटना स्थल पर घुमावदार मोड़ भी है, जहां सावधानी बरतना बेहद जरूरी था।

निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पार्किंग में सुरक्षा मानकों के अनुसार कन्वेक्स मिरर (मोड़ पर शीशा) नहीं लगाया गया था, जिससे सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार मेडिकल जांच में चालक के शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है।

सोसाइटी सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर हाईराइज सोसाइटी की पार्किंग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेसमेंट पार्किंग में गति नियंत्रण, चेतावनी संकेत, स्पीड ब्रेकर और मोड़ों पर दृश्यता बढ़ाने के लिए शीशे लगाना अनिवार्य होना चाहिए।

यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आई है। अब सवाल यह है कि क्या इस हादसे के बाद सोसाइटी प्रबंधन और प्रशासन ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे?