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MP News: मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का होगा विस्तार, मोहन यादव का बड़ा ऐलान

मध्यप्रदेश
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MP News: मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को और व्यापक बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने योजना के विस्तार को लेकर बड़ा संकेत दिया है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के साथ-साथ प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों को भी योजना से जोड़ना है।

राज्य के धार्मिक स्थलों को भी मिलेगा स्थान

मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि योजना के तहत देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी शामिल करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उनका मानना है कि प्रदेश के कई बुजुर्ग अपने ही राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित नहीं हो पाते हैं।

लाखों श्रद्धालुओं को मिल चुका है लाभ

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी। पिछले एक दशक से अधिक समय में लाखों वरिष्ठ नागरिक इस योजना के माध्यम से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है।

यात्रा के दौरान मिलती हैं कई सुविधाएं

योजना के अंतर्गत पात्र श्रद्धालुओं को यात्रा, भोजन, आवास, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक योजना का लाभ उठा सकते हैं। महिलाओं को आयु सीमा में विशेष छूट भी दी गई है।

2026 में भी जारी है तीर्थ यात्रा अभियान

प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्ष 2026 में भी तीर्थ दर्शन यात्राएं संचालित की जा रही हैं। वैष्णो देवी, अमृतसर, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए श्रद्धालुओं के जत्थे भेजे जा रहे हैं।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना में मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया जाता है तो इससे धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी लाभ होगा।

सरकार का फोकस आस्था और सामाजिक जुड़ाव पर

मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार यह कहते रहे हैं कि तीर्थ यात्राएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। योजना के विस्तार से अधिक लोगों को धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।