Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण परिवारों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर रोजगार की मांग दर्ज कराई और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार के अधिकार के प्रति जागरूक करना और उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना था।
रोजगार पाने की प्रक्रिया की दी गई जानकारी
रोजगार दिवस के दौरान पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए गए। इन शिविरों में ग्रामीणों को मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया, जॉब कार्ड बनवाने और संशोधन कराने, कार्य मांग पंजीयन, मजदूरी भुगतान व्यवस्था और योजना के अन्य प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, रोजगार सहायकों, तकनीकी सहायकों और पंचायत कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर आगामी कार्यों के लिए रोजगार मांग आवेदन भी प्राप्त किए गए। पात्र परिवारों के नए जॉब कार्ड बनाए गए तथा पुराने जॉब कार्डों को अपडेट करने का कार्य भी किया गया। पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का तत्काल निराकरण करते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
जल संरक्षण कार्यों पर रहा विशेष जोर
रोजगार दिवस के दौरान मनरेगा के अंतर्गत चल रहे जल संरक्षण और संवर्धन कार्यों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में सोक पिट, कंटूर ट्रेंच, वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (WAT), नवा तरिया, आजीविका डबरी, तालाब निर्माण और वृक्षारोपण जैसे कार्यों के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
इन योजनाओं का लाभ केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके जरिए भू-जल स्तर बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कृषि उत्पादन में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण काम हो रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है।

महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा
रोजगार दिवस में महिलाओं, युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मनरेगा और आजीविका संवर्धन कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें विभिन्न स्वरोजगार और रोजगार आधारित योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए गए।
ग्रामीण विकास का मजबूत माध्यम बन रहा रोजगार दिवस
जिला प्रशासन का मानना है कि रोजगार दिवस केवल रोजगार उपलब्ध कराने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने, उनकी समस्याओं का समाधान करने और विकास कार्यों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रभावी मंच भी है। नियमित रूप से आयोजित हो रहे रोजगार दिवस के माध्यम से प्रत्येक इच्छुक परिवार तक रोजगार पहुंचाने और ग्राम स्तर पर विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। जशपुर में यह पहल ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और जनभागीदारी का एक सफल मॉडल बनकर उभर रही है।
