Greater Noida West

Greater Noida West: गौड़ चौक अंडरपास से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई, जरूर पढ़ें

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा के लोगों के लिए ट्रैफिक की बड़ी समस्या बने गौर चौक अंडरपास प्रोजेक्ट में एक बार फिर देरी हो गई है। पहले उम्मीद थी कि यह परियोजना जल्द पूरी हो जाएगी, लेकिन अब लोगों को कम से कम तीन महीने और इंतजार करना होगा। इस दौरान यात्रियों को जाम, डायवर्जन और ट्रैफिक बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।

70 प्रतिशत काम हुआ पूरा

अधिकारियों के अनुसार गौर चौक अंडरपास परियोजना का करीब 70 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कुल 26 सेक्शन में बनने वाले इस अंडरपास के 20 सेक्शन तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी छह सेक्शन पर अभी काम चल रहा है।

बचे हुए हिस्सों में खुदाई, रिटेनिंग वॉल निर्माण, वाटरप्रूफिंग, क्योरिंग और स्लोप लेवलिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

छह लेन का होगा आधुनिक अंडरपास

गौर चौक पर बन रहा यह छह लेन का अंडरपास नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

परियोजना पूरी होने के बाद गौर चौक पर लगने वाले भारी ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी और लोगों का सफर पहले से अधिक आसान और तेज होगा।

निर्माण कार्य के कारण बढ़ रही परेशानी

अंडरपास निर्माण के चलते ताज हाईवे के दोनों ओर बैरिकेडिंग और डायवर्जन लागू किए गए हैं। कई जगह ट्रैफिक को सर्विस लेन पर डायवर्ट किया गया है, जिससे सुबह और शाम के समय लंबा जाम लग रहा है।

पीक ऑवर में हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिसके कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मानसून में और बढ़ सकती है मुश्किल

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान निर्माण कार्य की गति और धीमी हो सकती है। बारिश के कारण ट्रैफिक प्रबंधन भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा, जिससे लोगों को आने वाले महीनों में और अधिक जाम का सामना करना पड़ सकता है।

89 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट

गौर चौक अंडरपास परियोजना की अनुमानित लागत करीब 89.2 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का निर्माण कार्य जुलाई 2024 में शुरू हुआ था।

हालांकि डिजाइन में बदलाव और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू प्रतिबंधों के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हुई, जिससे परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी।

इन इलाकों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित

गौर चौक, तिगरी रोटरी और शाहबेरी क्षेत्र के लोग इस देरी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इन इलाकों में बड़ी संख्या में हाईराइज सोसाइटियां हैं और रोजाना हजारों वाहन यहां से गुजरते हैं।

गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाला अधिकांश ट्रैफिक इसी मार्ग का उपयोग करता है।

शाम के समय सबसे ज्यादा जाम

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं। दफ्तरों से लौटने वाले लोगों को कई बार घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।

लगातार बदल रहे डायवर्जन और सर्विस लेन पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

पूरा होने पर मिलेगी बड़ी राहत

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने कहा है कि अंडरपास का डिजाइन ट्रैफिक जाम कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।