Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, सरकारी वाहनों के कम इस्तेमाल पर जोर

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Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने राज्य के सभी सरकारी विभागों को सरकारी वाहनों के उपयोग को कम करने और ईंधन की बचत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य न केवल अनावश्यक खर्च को कम करना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को जरूरत के अनुसार ही सरकारी वाहनों का इस्तेमाल करना चाहिए और ईंधन की बचत को प्राथमिकता देनी चाहिए।

सरकारी खर्च कम करने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी संसाधनों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां संभव हो, अधिकारी ऑनलाइन बैठकें और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें ताकि वाहनों की आवाजाही कम हो सके। इससे सरकारी खर्च में कमी आएगी और ईंधन की बचत भी होगी। सरकार का मानना है कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध पर्यावरण संरक्षण से भी है। वाहनों के अधिक उपयोग से प्रदूषण बढ़ता है और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव पड़ता है। ऐसे में सरकारी विभाग अगर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे तो आम जनता के लिए भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।

विभागों को दिए गए विशेष निर्देश

राज्य सरकार ने सभी विभागों से वाहनों के उपयोग का नियमित रिकॉर्ड रखने को कहा है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए ही हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिजूल खर्ची रोकना और संसाधनों का सही उपयोग करना सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों से ईंधन बचत के लिए नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन अपनाने की भी बात कही।

जनता के लिए भी दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईंधन बचत केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से भी सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और जरूरत के अनुसार ही वाहन उपयोग करने की अपील की। सरकार का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।