Supertech Romano

Supertech Romano सोसाइटी में प्रीपेड मीटर से मेंटेनेंस चार्ज कटौती पर रोक, PVVNL का बड़ा आदेश

नोएडा
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नोएडा के सेक्टर-118 स्थित Supertech Romano सोसाइटी के निवासियों को बिजली और मेंटेनेंस से जुड़ी परेशानियों से बड़ी राहत मिली है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने सोसाइटी में प्रीपेड बिजली रिचार्ज से मेंटेनेंस शुल्क काटने की प्रक्रिया को पूरी तरह अवैध बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगा दी है।

यह आदेश विद्युत नगरीय वितरण खण्ड-6, नोएडा की ओर से जारी किया गया है। विभाग ने साफ कहा है कि किसी भी निवासी के बिजली रिचार्ज बैलेंस से CAM या मेंटेनेंस चार्ज नहीं काटा जा सकता।

क्या था पूरा मामला?

सोसाइटी के निवासी लंबे समय से शिकायत कर रहे थे कि प्रीपेड मीटर में किए गए बिजली रिचार्ज से मेंटेनेंस एजेंसी और C4T ऐप के जरिए CAM शुल्क काट लिया जाता था। इसके कारण कई बार रिचार्ज समय से पहले खत्म हो जाता था और फ्लैट की बिजली अचानक बंद हो जाती थी।

निवासियों का कहना था कि इस मनमानी के चलते उन्हें रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही थी। कई परिवारों को बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

PVVNL ने क्या कहा?

PVVNL के अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि:

  • मेंटेनेंस बकाया होने पर किसी फ्लैट की बिजली नहीं काटी जा सकती।
  • प्रीपेड बिजली रिचार्ज राशि से किसी भी प्रकार का CAM शुल्क काटना नियमों के खिलाफ है।
  • सोसाइटी प्रबंधन को मेंटेनेंस वसूली के लिए अलग व्यवस्था करनी होगी, जैसे:
    • ऑनलाइन ट्रांसफर
    • चेक पेमेंट
    • अन्य स्वतंत्र भुगतान माध्यम

भविष्य की एजेंसियों पर भी लागू होगा आदेश

PVVNL ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल मौजूदा एजेंसी पर ही नहीं, बल्कि भविष्य में आने वाली सभी मेंटेनेंस एजेंसियों पर भी लागू रहेगा।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि सोसाइटी प्रबंधन या C4T एजेंसी ने आदेश का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निवासियों ने फैसले का किया स्वागत

सोसाइटी के निवासियों ने PVVNL के इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि इससे अब बिजली रिचार्ज सुरक्षित रहेगा और बिना वजह बिजली कटौती की समस्या से राहत मिलेगी।

यह फैसला नोएडा की अन्य हाईराइज सोसाइटियों के लिए भी एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जहां प्रीपेड मीटर और मेंटेनेंस चार्ज को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं।