Ghaziabad Fire: उत्तर प्रदेश के Ghaziabad के Indirapuram स्थित Gaur Green Avenue Society में बुधवार सुबह एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। D-ब्लॉक से शुरू हुई आग कुछ ही मिनटों में विकराल रूप लेकर कई फ्लैटों को अपनी चपेट में ले गई। देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं और लपटों से घिर गया और हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।
सुबह 8:30 बजे अचानक बदली स्थिति
सुबह करीब 8:30 बजे तक सब कुछ सामान्य था। लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे। अचानक बिजली गुल हुई, जिसे पहले लोगों ने सामान्य कटौती समझा।
लेकिन कुछ ही मिनटों में D-ब्लॉक की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। ऊंची-ऊंची लपटें दूर से नजर आने लगीं और काले धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
कुछ ही मिनटों में फैल गई आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कई फ्लैटों में रहने वाले लोग फंस गए और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। चंद मिनटों में स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा और पूरी बिल्डिंग में डर का माहौल बन गया।
जान बचाने के लिए जद्दोजहद
हादसे के दौरान लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। बच्चों को गोद में उठाकर नीचे लाया गया, बुजुर्गों को सहारा देकर बाहर निकाला गया। कई लोग गीले तौलिये से मुंह और सिर ढककर धुएं से बचते नजर आए।
निवासी सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि अचानक तेज आवाज आई और कुछ ही सेकंड में पूरा फ्लैट धुएं से भर गया। वहीं आलोक अग्रवाल ने कहा कि बाहर निकलते ही चारों तरफ काला धुआं था और कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।
फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तेजी से मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
दमकल कर्मियों ने हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अलग-अलग टीमों में बंटकर काम किया। उन्होंने करीब 6 फ्लैटों के दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। कई जगहों पर घना धुआं और तेज गर्मी होने के बावजूद जवान लगातार अंदर जाकर लोगों को सुरक्षित बाहर लाते रहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे चुनौतीपूर्ण हालात ऊपरी मंजिलों पर देखने को मिले। 10वीं मंजिल पर एक बीमार महिला अपने फ्लैट में फंसी हुई थीं, जिन्हें सावधानी से बाहर निकाला गया। वहीं 11वीं मंजिल पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे एक बुजुर्ग को सीढ़ियों के जरिए नीचे लाना पड़ा, जो बेहद जोखिम भरा कार्य था।
दमकल टीम ने धुएं और आग के बीच संतुलन बनाते हुए एक-एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। कुल मिलाकर कई लोगों को समय रहते बचा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
मुश्किल समय में इंसानियत की मिसाल
इस भयावह हादसे के बीच सोसायटी के लोगों ने एक-दूसरे की मदद कर इंसानियत की मिसाल पेश की। किसी ने पीड़ितों के लिए खाना उपलब्ध कराया, तो किसी ने पानी और कपड़ों का इंतजाम किया। कई परिवारों ने अपने घरों के दरवाजे खोलकर प्रभावित लोगों को सहारा दिया।
पूरी सोसायटी इस मुश्किल घड़ी में एक परिवार की तरह एकजुट नजर आई।
50 मिनट में जलकर राख हुआ फ्लैट
जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से हुई, जहां लंबे समय से निर्माण और लकड़ी का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि करीब पांच साल की मेहनत से तैयार किया गया यह फ्लैट महज 50 मिनट में पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग की चपेट में आने से आसपास के कई फ्लैट भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगहों पर शीशे टूट गए और दीवारों में दरारें आ गईं।
गृहस्थी और बच्चों की पढ़ाई हुई बर्बाद
इस हादसे में कई परिवारों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। घरों में रखा सामान, जरूरी दस्तावेज और बच्चों की किताबें सब कुछ नष्ट हो गया। लोग अपनी आंखों के सामने अपना घर जलता देख भावुक हो गए और कई लोग सदमे में नजर आए।
निर्माण कार्य और सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस फ्लैट से आग लगी, वहां लंबे समय से निर्माण कार्य चल रहा था और इसको लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे अब सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बीमा और नुकसान का आकलन शुरू
घटना के बाद कई लोगों ने अपनी बीमा कंपनियों को सूचना दी और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। लोग अपने जरूरी दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं और मुआवजे की प्रक्रिया में जुट गए हैं।
