Chhattisgarh News: सुशासन तिहार के अवसर पर जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने शासन के वास्तविक अर्थ को जमीन पर उतारकर दिखा दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने की एक सच्ची पहल थी।
गांव में हुआ आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी और आत्मीयता के साथ स्वागत किया। गांव के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बरगद की छांव में सजी जनचौपाल
गांव के बीचों-बीच एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे जनचौपाल का आयोजन किया गया। खुले माहौल में, बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। यह दृश्य दिखाता है कि जब शासन जनता के पास पहुंचता है, तो संवाद और विश्वास दोनों मजबूत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य है—सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना और समस्याओं का समाधान मौके पर ही करना।
ग्रामीणों की समस्याओं पर फोकस
जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से उनकी मूलभूत जरूरतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल, बिजली, और पटवारी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। यह स्पष्ट था कि सरकार केवल सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाधान पर भी उतनी ही गंभीर है।
महिला सशक्तिकरण की झलक
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “लखपति दीदी” सुमिला कोरवा और पुष्पलता चौहान से भी बातचीत की। उन्होंने जाना कि किस तरह महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि पूरे देश में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो गई है। यह आंकड़ा महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे बड़े बदलाव को दर्शाता है।
गांव के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें सामुदायिक भवन का निर्माण, मिनी स्टेडियम, सीसी रोड और बच्चों के लिए क्रिकेट किट व यूनिफॉर्म शामिल हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन जल्द किया जाए, ताकि गांव के लोगों को इसका लाभ मिल सके।

योजनाओं का जमीनी आकलन
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का भी जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हें मिल रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने संतोष जताया।
उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण, चरण पादुका योजना और अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही बताया कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के जरिए अब गांव में ही आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
सीधा संवाद, मजबूत विश्वास
मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान हर समस्या को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाधान में देरी न हो। उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
चंदागढ़ में बरगद की छांव में सजी यह जनचौपाल केवल एक बैठक नहीं थी, बल्कि यह शासन और जनता के बीच विश्वास का एक मजबूत सेतु थी। मुख्यमंत्री का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि जब नेतृत्व जमीन से जुड़ा होता है, तो विकास की दिशा और गति दोनों बेहतर हो जाती हैं।
यह पहल यह भी सिखाती है कि असली सुशासन वही है, जो लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझे, सुने और समय पर समाधान दे।
