Media Breaking: ये खबर टीवी मीडिया में काम करने वाले तमाम पत्रकारों को थोड़े दिनों के लिए ही सही लेकिन सुकून देने वाला है। इजरायल–ईरान के बीच जारी तनाव और उससे जुड़ी खबरों में बढ़ती सनसनीखेज और अटकलों पर आधारित रिपोर्टिंग को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को निर्देश दिया है कि न्यूज़ टीवी चैनलों की टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (TRP) की रिपोर्टिंग तत्काल प्रभाव से चार सप्ताह के लिए रोक दी जाए।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से 6 मार्च 2026 को जारी निर्देश में कहा गया है कि इजरायल–ईरान संघर्ष के बीच कुछ न्यूज़ चैनल अनावश्यक सनसनी और अटकलों पर आधारित सामग्री प्रसारित कर रहे हैं, जिससे आम जनता में घबराहट फैलने की आशंका है। विशेष रूप से उन लोगों में चिंता बढ़ सकती है जिनके मित्र या परिजन प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे हैं।
मंत्रालय ने अपने आदेश में 16 जनवरी 2014 की ‘टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों के लिए नीति दिशानिर्देश’ का हवाला देते हुए कहा कि इन दिशानिर्देशों के तहत रेटिंग एजेंसी को मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों, नियमों और निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इसी प्रावधान के तहत BARC को न्यूज़ चैनलों की TRP रिपोर्टिंग फिलहाल रोकने का निर्देश दिया गया है।
सरकार के अनुसार यह कदम सार्वजनिक हित में उठाया गया है, ताकि टीआरपी की होड़ में सनसनीखेज रिपोर्टिंग को बढ़ावा न मिले और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्रोत्साहन मिल सके। यह रोक चार सप्ताह तक लागू रहेगी या मंत्रालय के अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगी, जो भी पहले हो।
यह निर्देश सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अतिरिक्त निदेशक (BP&L) गौरीशंकर केसरवानी द्वारा BARC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नकुल चोपड़ा को जारी किया गया है। आदेश के बाद मीडिया उद्योग में टीआरपी व्यवस्था और न्यूज़ चैनलों की रिपोर्टिंग शैली को लेकर नई बहस शुरू होने की संभावना है।
