UP News: उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य सरकार स्टार्टअप नीति और एआई आधारित स्किलिंग प्रोग्राम के माध्यम से युवाओं को नए अवसर देने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार का लक्ष्य एआई प्रज्ञा प्रोग्राम के तहत लगभग 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक की ट्रेनिंग देना है, ताकि वे रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें।
प्रमुख शहरों में तेजी से बढ़ रही स्टार्टअप गतिविधियां
राज्य की नई स्टार्टअप नीति के चलते Kanpur, Lucknow, Noida और Varanasi जैसे शहरों में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।
इससे न केवल युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि MSME सेक्टर को भी नई दिशा मिल रही है। नई तकनीकों और डिजिटल नवाचार के कारण छोटे और मध्यम उद्योगों को भी विकास के नए अवसर मिल रहे हैं।
400 से अधिक एसटीपीआई यूनिट्स और 100 इन्क्यूबेटर का लक्ष्य
प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप को मजबूत बनाने के लिए Software Technology Parks of India (STPI) की लगभग 400 यूनिट्स सक्रिय हैं। इसके अलावा सरकार का लक्ष्य राज्य में 100 से अधिक स्टार्टअप इन्क्यूबेटर विकसित करने का है।
इन इन्क्यूबेटरों के माध्यम से युवाओं को अपने नए आइडिया को स्टार्टअप में बदलने के लिए मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वैश्विक कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग
युवाओं को आधुनिक डिजिटल स्किल्स देने के लिए राज्य सरकार वैश्विक टेक कंपनियों के साथ भी काम कर रही है। इस दिशा में Microsoft और Google जैसी कंपनियों के सहयोग से एआई और डिजिटल तकनीक की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों के अनुसार तैयार करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाना है।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की मजबूत स्थिति
उत्तर प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में लगभग 65 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ राज्य एक बड़े विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
इससे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन से जुड़े छोटे और मध्यम उद्योगों को भी नए अवसर मिल रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
आईटीआई में स्थापित होंगी एआई लैब
भविष्य की तकनीकों से युवाओं को जोड़ने के लिए प्रदेश के 49 आईटीआई संस्थानों में एआई लैब स्थापित की जा रही हैं। इन लैब्स में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इससे युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
आईटी निर्यात में भी लगातार बढ़ोतरी
राज्य में आईटी और तकनीकी क्षेत्र में बढ़ते निवेश का असर निर्यात पर भी दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश से आईटी-आईटीईएस सेक्टर का निर्यात 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है।
यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल और तकनीकी नवाचार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
