Uttarakhand News: नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘पांचवें डॉक्टर ऑफ द ईयर’ सम्मान समारोह में उत्तराखंड के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, ताकि चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए बनेगा अलग कैडर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग कैडर (Specialist Cadre) तैयार करेगी। साथ ही वर्ष 2026 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां और लंबित पदोन्नतियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने चिकित्सकों से तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील करते हुए मेडिकल कॉलेजों में योग और मेडिटेशन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
38 डॉक्टरों को विभिन्न श्रेणियों में किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान प्रदेशभर के चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मानों का विवरण इस प्रकार रहा—
- 32 डॉक्टरों को ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड
- 3 डॉक्टरों को आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड
- 3 वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
चिकित्सा शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का अत्यधिक व्यवसायीकरण समाज के कमजोर वर्गों की पहुंच को प्रभावित करता है।
भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे. एन. नौटियाल ने आयुष चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने मेडिकल छात्रों और युवा डॉक्टरों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डाला।
इन डॉक्टरों को मिला ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर’ सम्मान
इस वर्ष निम्नलिखित 32 चिकित्सकों को ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर’ सम्मान प्रदान किया गया—
- डॉ. राकेश रावत
- डॉ. अच्युत नारायण पाण्डेय
- डॉ. विनिता रावत
- डॉ. अनिश गुप्ता
- डॉ. पंकज कंडवाल
- डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता
- डॉ. साशा लाबरू
- डॉ. आनंद कुमार गोयल
- डॉ. तृप्ति चौधरी
- डॉ. ज्योत्सना सेठ
- डॉ. धीराज गुप्ता
- डॉ. सुमन कुमारी पाण्डेय
- डॉ. गोदावरी जोशी
- डॉ. सुभाष जोशी
- डॉ. हरि शंकर पाण्डेय
- डॉ. विनिता गुप्ता
- प्रो. डॉ. पंकज कुमार गर्ग
- डॉ. प्रशांत शारदा
- डॉ. उर्मिला पलारिया
- डॉ. अनिल पाण्डेय
- डॉ. अमित कुमार सिंह
- डॉ. जॉली अग्रवाल
- डॉ. श्रुति बर्नवाल
- डॉ. विवेकानंद सत्यवाली
- डॉ. सुबोध नौटियाल
- डॉ. शैली व्यास
- डॉ. वीणा अस्थाना
- डॉ. सिद्धांत खन्ना
- डॉ. शिवम डंग
- डॉ. अंजना टाक
- डॉ. पारुल शर्मा
- डॉ. राजीव कुमार
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
इन तीन वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया—
- डॉ. महेश कुरियाल
- डॉ. जे. एन. नौटियाल
- डॉ. यशवंत सिंह बिष्ट
आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड
तीन डॉक्टरों को आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड प्रदान किया गया—
- डॉ. गीता जैन
- डॉ. गोविन्द तितियाल
- डॉ. सौरभ वार्ष्णेय
स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने पर सरकार का जोर
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि AI आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलग कैडर जैसी पहल से उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
