UP News: लखनऊ में आयोजित ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ ने हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल दिए। यह मेला उत्तर प्रदेश सरकार की एक बड़ी पहल के रूप में सामने आया, जिसका उद्देश्य युवाओं को कौशल के आधार पर नौकरी और स्वरोजगार से जोड़ना है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने उन्हें नौकरी के अवसर दिए।
हजारों युवाओं को मिला नौकरी का मौका
इस रोजगार मेले में कुल 2527 युवाओं को नौकरी के ऑफर मिले। यह संख्या बताती है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की कोशिश सफल हो रही है। खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली। लगभग 473 युवतियों ने अपनी योग्यता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में नौकरी हासिल की।
यह मेला केवल सामान्य युवाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के 56 युवाओं को भी नौकरी मिली। इन युवाओं के लिए यह मौका उनके जीवन में एक नई शुरुआत जैसा साबित हुआ।
बड़ी कंपनियों ने दिया रोजगार का अवसर
इस मेले में करीब 116 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें Tata Group, Hero MotoCorp, Swiggy और Flipkart जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं।
इन कंपनियों ने आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास से जुड़े युवाओं का इंटरव्यू लिया और उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी के ऑफर दिए। कई युवाओं को 35 से 40 हजार रुपये तक की सैलरी के पैकेज भी मिले, जो उनके करियर की अच्छी शुरुआत मानी जा सकती है।
कौशल विकास को मिला डिजिटल सपोर्ट
इस कार्यक्रम में सरकार ने कौशल विकास को और मजबूत बनाने के लिए तीन नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए — ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’।
‘कौशल दृष्टि’ एक मोबाइल ऐप है, जिससे प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी आसानी से की जा सकेगी। इसके जरिए यह पता चलेगा कि वहां प्रशिक्षण सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
‘कौशल दर्पण’ एक एआई आधारित डैशबोर्ड है, जिसमें राज्य के कौशल विकास से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी एक जगह पर मिलती है। इससे योजना बनाना और निगरानी करना आसान हो जाएगा।
‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट है, जो 24 घंटे अभ्यर्थियों की मदद करेगा। इसके जरिए युवा प्रशिक्षण, नौकरी और सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से ले सकते हैं।
युवाओं को दिया गया प्रेरणा संदेश
कार्यक्रम में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं से बातचीत की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री होना ही काफी नहीं है, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और सही संवाद भी जरूरी है।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने अंदर झिझक को खत्म करें और अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। मेहनत, अनुशासन और लगन से ही सफलता मिलती है।
रोजगार के साथ उद्यमिता पर भी जोर
सरकार का उद्देश्य सिर्फ युवाओं को नौकरी देना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। युवाओं को इस बात के लिए प्रेरित किया जा रहा है कि वे आगे चलकर खुद रोजगार देने वाले बनें।
इसी दिशा में राज्य में रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे युवा भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकेंगे।
आईटीआई और प्रशिक्षण संस्थानों का विस्तार
प्रदेश में इस समय लगभग 350 आईटीआई संचालित हो रहे हैं। सरकार इनकी संख्या और गुणवत्ता दोनों बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इस साल 22 नए आईटीआई शुरू किए गए हैं, जिनमें हजारों छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आने वाले समय में और भी नए संस्थान खोलने की योजना है, जिससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण मिल सके।
डिजिटल व्यवस्था से आसान हुआ पंजीकरण
रोजगार मेले में डिजिटल पंजीकरण की सुविधा भी दी गई थी। क्यूआर कोड के जरिए रजिस्ट्रेशन होने से युवाओं को लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ा। इससे पूरी प्रक्रिया आसान और तेज हो गई।
साथ ही चयनित युवाओं को उसी दिन ऑफर लेटर देने की व्यवस्था भी की गई, जिससे उन्हें तुरंत नौकरी की पुष्टि मिल सके।
