UP News: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ी तैयारी की है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर इस साल करीब 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य यह है कि गर्मियों में लोगों को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े और हर जगह निर्बाध सप्लाई मिलती रहे।
बढ़ती मांग को लेकर अनुमान और तैयारी
ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस साल जून में बिजली की मांग 33,000 मेगावाट से भी ज्यादा पहुंच सकती है। मई और जुलाई में भी मांग काफी ऊंची रहने की संभावना है। पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखते हुए इस बार पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि अचानक बढ़ने वाली मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।
थर्मल पावर प्लांट से बढ़ी उत्पादन क्षमता
सरकार ने बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सभी नए थर्मल पावर प्लांट यूनिट्स को चालू कर दिया है। घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, ओबरा और जवाहरपुर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि घाटमपुर की तीसरी यूनिट भी जल्द चालू होने वाली है, जिससे बिजली सप्लाई और मजबूत होगी।
एमओयू और एक्सचेंज से पूरी होगी मांग
सरकार ने पहले से ही बिजली कंपनियों के साथ समझौते (एमओयू) किए हैं, जिससे करीब 80 प्रतिशत मांग पूरी की जाएगी। बाकी जरूरत को पूरा करने के लिए बिजली एक्सचेंज जैसे Indian Energy Exchange (IEX), PXIL और HPX का सहारा लिया जाएगा। इससे जरूरत के समय अतिरिक्त बिजली खरीदी जा सकेगी और सप्लाई में कमी नहीं आएगी।
अन्य राज्यों से भी बिजली की व्यवस्था
सरकार ने कुछ राज्यों के साथ बिजली बैंकिंग की व्यवस्था भी की है। इसके तहत जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों से बिजली ली जा सकती है और बाद में वापस की जाएगी। यह व्यवस्था बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगी और संकट की स्थिति से बचाएगी।
सख्त निगरानी और बेहतर सिस्टम पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि बिजली सप्लाई में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नियमित समीक्षा की जा रही है। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, ताकि तकनीकी खराबियों से बचा जा सके। साथ ही स्मार्ट मीटर और डिजिटल सिस्टम को तेजी से लागू किया जा रहा है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर फोकस
सरकार का लक्ष्य है कि गांव और शहर दोनों जगह समान रूप से बिजली मिले। इसके लिए फीडर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और लाइन लॉस कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे लोगों को बेहतर और लगातार बिजली मिल सकेगी।
