UP News: Swami Vivekanand Subharti University में 11वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय के मांगल्य प्रेक्षागृह में किया गया। इस समारोह में 2500 से अधिक डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Acharya Devvrat, माननीय राज्यपाल गुजरात रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में Umar Abubakar Tafidan Kabbi, केब्बी प्रांत (नाइजीरिया) के उपराज्यपाल शामिल हुए।
समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति Dr. Stuti Kakkad ने की। कार्यक्रम में नाइजीरिया और पश्चिमी एशियाई देशों के कई गणमान्य अतिथि भी शामिल हुए। स्थानीय अतिथियों में विश्वविद्यालय के न्यासी डॉ. रोहित रविंद्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज, कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्णामूर्ति, आचार्य कुलदीप, अनिल कुमार और जगत सिंह दौसा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दीप प्रज्ज्वलन और शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
दीक्षांत समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और कुम्भ जलाभिषेक के साथ की गई। इससे पहले आचार्य देवव्रत ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित आईएनए शहीद स्मारक पर भारतीय सेना के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम स्थल पर उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों द्वारा सम्मान गारद भी दिया गया। इसके बाद अतिथियों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न बेस्ट प्रैक्टिसेस से जुड़े स्टॉल्स का अवलोकन किया, जिनमें राष्ट्रबोध, स्टार्टअप, पर्यावरण समिति और वैलनेस सेंटर प्रमुख रहे।

“दीक्षांत समारोह अंत नहीं, नई जिम्मेदारियों की शुरुआत” — आचार्य देवव्रत
मुख्य अतिथि आचार्य देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा यात्रा का अंतिम चरण जरूर है, लेकिन यह जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, धर्म, सदाचार और सद्भाव के साथ जीवन जीने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वाध्याय एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसे कभी रुकना नहीं चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करना चाहिए।
राज्यपाल ने माता-पिता और गुरुओं के सम्मान पर भी जोर दिया और देश में बढ़ते वृद्धाश्रमों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता की सेवा और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है।
समाज और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम — नाइजीरिया के उपराज्यपाल
विशिष्ट अतिथि सीनेटर उमर अबुबकर तफीदान कब्बी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में नवाचार, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्व लगातार बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी अपनी क्षमता और दृढ़ संकल्प से देश और विश्व के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
2481 विद्यार्थियों को डिग्री, 115 को पीएचडी की उपाधि
समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. Pramod Kumar Sharma ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा ‘A’ ग्रेड से मान्यता प्राप्त है और यह संस्थान अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर:
- 2481 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं
- इनमें 115 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली
- 45 स्नातक विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिए गए
- 23 स्नातकोत्तर टॉपर विद्यार्थियों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए

विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ छात्र डॉ. ईबेन एस जॉन और सर्वश्रेष्ठ छात्रा कुमारी आस्था गुप्ता को चांसलर मेडल और संघमाता मुक्ति भटनागर मेमोरियल मेडल से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा:
- साची गुप्ता (एमबीबीएस) और जया रानी सिंह (डेंटल) को गोल्ड मेडल दिया गया
- अर्श जैन और श्रेया रस्तोगी को एमबीबीएस प्रथम प्रोफेशनल परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 11,000 रुपये की नकद राशि से सम्मानित किया गया
डिजीलॉकर में सुरक्षित की गई सभी डिग्रियां
विश्वविद्यालय ने आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए सभी विद्यार्थियों और शोधार्थियों की डिग्रियां भारत सरकार के DigiLocker प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दीं, ताकि ये डिग्रियां हमेशा सुरक्षित रह सकें और जरूरत पड़ने पर आसानी से उपलब्ध हो सकें।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा सुभारती विश्वविद्यालय
कुलाधिपति डॉ. स्तुति कक्कड ने अपने संबोधन में कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और विभिन्न देशों के साथ शैक्षणिक सहयोग बढ़ा रहा है।
उन्होंने “सुभारती इन्क्यूबेशन एंड रिसर्च सेंटर” की स्थापना को उद्यमिता के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया और विद्यार्थियों से जीवन में उत्कृष्ट कार्य कर परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर गुजरात की प्रथम महिला दर्शना देवी को विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज ने शॉल पहनाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
डॉ. निखिल श्रीवास्तव और डॉ. मनोज कपिल के संयोजन में आयोजित इस समारोह का मंच संचालन डॉ. सीमा शर्मा और डॉ. अभिनव शर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में प्रति कुलपति डॉ. मुनीश सी. रेड्डी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के महानिदेशक मेजर जनरल (सेनि.) डॉ. जी.के. थपलियाल, डॉ. कपिल कुमार, डॉ. वैभव गोयल, डॉ. गीता परवंदा, डॉ. पिंटू मिश्रा, डॉ. सोकिंद्र कुमार, डॉ. रीना विश्नोई, डॉ. सुधीर त्यागी, डॉ. पंकज किशोर मिश्रा सहित कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
