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UP News: बेकार एंबुलेंस अब बनेंगी मोबाइल दुकानें, रामपुर में रेहड़ी-पटरी संचालकों को मिला स्थायी ठिकाना

उत्तरप्रदेश
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UP News: उत्तर प्रदेश के Rampur में एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली है। यहां खराब और निष्क्रिय हो चुकी सरकारी एंबुलेंस को नया रूप देकर गरीब रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए मोबाइल दुकानों (वैनशॉप) में बदल दिया गया है।

यह पहल मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के वेस्ट मैनेजमेंट और नवाचार के विजन को जमीन पर उतारने का एक बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है।

खराब एंबुलेंस को मिला नया जीवन

रामपुर जिला प्रशासन ने लंबे समय से बेकार पड़ी सरकारी एंबुलेंस का उपयोग करने के लिए एक नई योजना बनाई। इन एंबुलेंस की सेवा अवधि पूरी हो चुकी थी और वे कई वर्षों से अनुपयोगी स्थिति में खड़ी थीं।

जिला प्रशासन ने इन वाहनों को कबाड़ बनने से बचाते हुए उन्हें मॉडिफाई करके आकर्षक मोबाइल दुकानों में बदल दिया। कुल 8 एंबुलेंस को वैनशॉप में बदलकर छोटे व्यापारियों को रोजगार के लिए उपलब्ध कराया गया।

रेहड़ी-पटरी संचालकों को मिला स्थायी ठिकाना

इन मोबाइल दुकानों को शहर के फोटो चुंगी क्षेत्र के पास बनाए गए वेंडिंग जोन में स्थापित किया गया है। यह वेंडिंग जोन PM SVANidhi Yojana के तहत विकसित किया गया है।

यहां चिन्हित रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रूप से दुकान चलाने का अवसर दिया गया है। इससे छोटे व्यापारियों को अब अपने व्यवसाय के लिए सुरक्षित और स्थिर स्थान मिल गया है।

शहर में ट्रैफिक और अतिक्रमण की समस्या भी होगी कम

पहले शहर के कई हिस्सों में रेहड़ी-पटरी के कारण अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिलती थी। प्रशासन द्वारा समय-समय पर इन्हें हटाया जाता था, जिससे व्यापारियों को परेशानी होती थी।

अब वेंडिंग जोन विकसित होने से व्यापारियों को स्थायी स्थान मिल गया है और शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी।

वेंडिंग जोन बना छोटा बाजार

इस वेंडिंग जोन में अब लोगों को एक ही जगह कई तरह की वस्तुएं मिल सकेंगी। यहां मोबाइल दुकानों के माध्यम से कपड़े, फास्ट फूड, खाने-पीने की चीजें, बच्चों के खिलौने और दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं उपलब्ध होंगी।

इससे स्थानीय लोगों को खरीदारी के लिए एक नया और सुविधाजनक बाजार मिल गया है।

छोटे व्यापारियों को मिल रहा सम्मानजनक रोजगार

इस पहल से न केवल बेकार पड़े सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हुआ है, बल्कि गरीब और छोटे व्यापारियों को भी स्थायी रोजगार का अवसर मिला है।

जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित और सम्मानजनक रोजगार मिल सके।

रामपुर में शुरू की गई यह पहल “कचरे से संसाधन” की सोच का एक शानदार उदाहरण है। बेकार हो चुकी एंबुलेंस को मोबाइल दुकानों में बदलकर प्रशासन ने यह दिखाया है कि सही योजना और सोच के साथ बेकार चीजों को भी उपयोगी बनाया जा सकता है।

यह मॉडल न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि गरीब व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।