UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में एक आधुनिक कंप्यूटर प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। यह कंप्यूटर लैब कॉलेज के पूर्व शिक्षक डॉ. तेज प्रताप शाही की स्मृति में उनके परिवार द्वारा बनवाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई कंप्यूटर लैब विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी), रिसर्च और नए इनोवेशन सीखने में काफी मदद करेगी। इससे छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल विकसित करने का मौका मिलेगा।
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और रिसर्च में छात्रों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में कंप्यूटर और नई तकनीक का ज्ञान बहुत जरूरी है। इस तरह की आधुनिक प्रयोगशाला छात्रों को डिजिटल दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलने में मदद करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इस लैब से छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्य में सुधार होगा और उन्हें नई तकनीकों को समझने और इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
‘बच्चा बाबू’ की याद में परिवार की पहल की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉ. तेज प्रताप शाही, जिन्हें लोग प्यार से ‘बच्चा बाबू’ कहते थे, को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. शाही ने लंबे समय तक कॉलेज और शिक्षा क्षेत्र में सेवा दी और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने उनके परिवार द्वारा बनाई गई इस कंप्यूटर लैब की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य आने वाले वर्षों तक छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने डॉ. शाही के पुत्र अनन्य प्रताप शाही और अतिरेक शाही को इस सराहनीय कार्य के लिए धन्यवाद दिया।
डॉ. शाही की निष्ठा और समर्पण को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डॉ. शाही की निष्ठा और समर्पण को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि डॉ. शाही का गोरक्षपीठ के प्रति गहरा विश्वास और समर्पण था।

उन्होंने बताया कि डॉ. शाही हमेशा कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और संबंधों के प्रति ईमानदार रहे। उनका जीवन दूसरों के लिए प्रेरणा का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने साझा किया भावुक संस्मरण
मुख्यमंत्री ने एक पुरानी घटना को याद करते हुए बताया कि जुलाई 2020 में डॉ. शाही अपने दोनों बेटों के साथ उनसे मिलने आए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि अब आप इनके अभिभावक के रूप में रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ ही समय बाद डॉ. शाही को कोरोना हो गया और बाद में उनका निधन हो गया। इस घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री का गला भर आया और उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस कार्यक्रम में डॉ. तेज प्रताप शाही के परिवार के सदस्य और कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्राचार्य ने सभी का धन्यवाद किया और इस पहल को छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर शहर के कई जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
