UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2025 बैच के 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस की दीक्षांत परेड समारोह में हिस्सा लिया और प्रशिक्षुओं को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस मजबूती, तत्परता, समर्पण और अनुशासन का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुशासन और टीमवर्क किसी भी वर्दीधारी बल की सबसे बड़ी ताकत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक पसीना बहाया जाएगा, भविष्य में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगी। उन्होंने सभी नए पुलिसकर्मियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करेंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे।

कानून अपराधी के लिए कठोर और नागरिकों के लिए संवेदनशील होना चाहिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस का व्यवहार अपराधियों के प्रति सख्त और आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी आरक्षियों ने कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया है और अब उन्हें फील्ड ड्यूटी में जाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, कौशल और मूल्यों का उपयोग करते हुए सभी पुलिसकर्मी ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
पुलिस प्रशिक्षण और सुविधाओं में हुआ बड़ा सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जिलों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों और 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ दीक्षांत परेड आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई 2025 से प्रशिक्षण शुरू हुआ था और इस दौरान उन्होंने कई प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा भी किया।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पुलिस प्रशिक्षण और सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। पहले पुलिस के बैरक जर्जर हालत में होते थे, लेकिन अब 55 जिलों में आधुनिक हाईराइज भवन बनाए गए हैं। इससे पुलिसकर्मियों को बेहतर आवास और सुविधाएं मिल रही हैं।

यूपी पुलिस को देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले यूपी पुलिस के सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन अब इसे देश के सबसे बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2.18 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की है और 1 लाख से ज्यादा पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि 2017 में पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता केवल 3 हजार थी, लेकिन अब 60 हजार से अधिक पुलिस आरक्षियों का प्रशिक्षण एक साथ प्रदेश के केंद्रों में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है, जो राज्य की बड़ी उपलब्धि है।
आधुनिक तकनीक और साइबर अपराध से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में अपराध का स्वरूप बदल रहा है, इसलिए पुलिस को भी आधुनिक तकनीक और नए कौशल से लैस होना जरूरी है। इसी दिशा में प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थानों की स्थापना की गई है और पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस की स्थापना की गई है, जहां पुलिस बल को वैज्ञानिक जांच और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाती है।
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति का बढ़ता प्रभाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2019-20 से ‘मिशन शक्ति’ अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं और महिला सुरक्षा के लिए कई नई योजनाएं लागू की गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यूपी पुलिस में महिला कार्यबल की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले यह संख्या लगभग 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इससे महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिली है।
अपराधियों में भय और पुलिस का मनोबल ऊंचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है। अब अपराधियों के मन में कानून का डर है और पुलिस का मनोबल ऊंचा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दंगे और अवैध वसूली जैसी घटनाओं में कमी आई है और पुलिस समय रहते अपराधों को रोकने में सक्षम हो रही है।
उन्होंने बताया कि यूपी-112 सेवा का रिस्पांस टाइम पहले 65 मिनट था, जिसे घटाकर 6 से 7 मिनट कर दिया गया है। यह पुलिस की कार्यक्षमता और तकनीकी सुधार का परिणाम है।
