सुरजीत सिंह चानी, लखीमपुर खीरी
Lakhimpur Kheri: यूपी के लखीमपुर खीरी जिले का विश्व विख्यात दुधवा टाइगर रिजर्व हर साल की तरह इस साल भी प्रवासी परिदों से गुलजार होना शुरू हो गया है। एक बार फिर दुधवा परिदों की कलरव से गूंजने लगा है। जिसकी जानकारी मिलते ही सैलानियों में खुशी की लहर दौड़ गयी है। एक बार फिर देश विदेश से सैलानी प्रवासी परिदों के दीदार करने और उनकी मनमोहक कलरव सुनने के लिये दुधवा में आने शुरू हो गये हैं ।उधर प्रवासी परिंदों के आने का सिलसिला शुरू होने की जानकारी मिलते ही पार्क प्रशासन ने यहां आने वाले सैलानियों के साथ ही हजारों मेहमान पक्षियों के स्वागत और सुरक्षा की तैयारियां शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि यह प्रवासी परिदें सर्दियों में ही दुधवा में आते हैं क्यूंकि जब ठंडे देशों के जलाशयों में बर्फ जम जाती है तो ऐसे में इन परिदों के भोजन और आवास की समस्या पैदा हो जाती है,तब यह परिदें लगभग 15 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर भारत समेत अन्य गर्म देशों की ओर रुख करते हैं साथ ही आपको बता दें कि ये प्रवासी पक्षी नवंबर से फरवरी तक चार माह प्रवास कर प्रजनन करते हैं जिसके कारण इन दिनों तराई के जलाशय प्रवासी पक्षियों से गुलजार हो जाते हैं. रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदों का कलरव प्रकृति और पक्षी प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यूरोपीय देशों के अलावा मध्य एशिया,चीन,तिब्बत,साइबेरिया,लद्दाख आदि स्थानों से बड़ी संख्या में जलीय पक्षियों के झुंड तराई के जलाशयों में आते हैं परिदों में साइबेरियेन,यरेजियन
छस्पून बिल,यूरेजियन विगियोन,नार्थन पिनटे,नार्थन स्लोवलर, रेड क्रस्टेड पोचार्ड आदि शामिल हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रंगा राजू टी ने बताया कि आने वाले मेहमान परिंदों की सुरक्षा और उनके भोजन का पार्क प्रशासन पूरी तरीके से ख्याल रखेगा क्यूंकि यह प्रवासी परिदें हजारों किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और यहां पर कुशलता पूर्वक टाइगर को प्रोटेक्ट तो किया ही जा रहा उनकी संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है साथ ही यहां आने वाले सभी मेहमान परिंदों की सुरक्षा के लिए भी टावर बना दिए गए हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोर एरिया में वन विभाग की टीम के द्वारा गश्त की जा रही है।
