Rajasthan News: SMS स्टेडियम में शौर्य संध्या, CM भजनलाल शर्मा ने सेना को किया नमनजयपुर के SMS स्टेडियम में 15 जनवरी 2026 को शौर्य संध्या नाम से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 78वें सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना की वीरता, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव को समर्पित था।
इस आयोजन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
राजस्थान – शौर्य और वीरता की भूमि
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान की भूमि शौर्य की भूमि है और यहाँ के वीर सपूतों ने हमेशा देश की रक्षा में अपनी जान की आहुति दी है।
उन्होंने कहा कि आज भी राजस्थान के युवा सेना में शामिल होने का सपना देखते हैं और देश की सेवा करना चाहते हैं।
कार्यक्रम में सेना की महत्ता का प्रतीक प्रदर्शन
‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम में भारतीय सेना की परंपरा, वीरता और आधुनिक क्षमताओं को दर्शाया गया। इस दौरान—
- सैनिक वीरों को सम्मान
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
- सेना की ताकत और बलिदान की कहानी
- ड्रोन शो और तकनीकी प्रदर्शन
जैसे कई आकर्षण शामिल थे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देशभक्ति का गहरा अनुभव किया।
रक्षा मंत्री का सशक्त संदेश
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना देश की सुरक्षा और शांति के लिए सदैव तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन और युद्ध-संबंधी अभियानों ने यह दिखाया है कि भारतीय सेना न केवल शौर्य की मिसाल है, बल्कि राष्ट्रीय एकता का मजबूत आधार भी है।
लाइट-साउंड और ड्रोन शो ने बढ़ाया आकर्षण
SMS स्टेडियम में शाम को आयोजित कार्यक्रम में लाइट और साउंड शो और 1,000 ड्रोन प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान खींचा।
इस शो में भारत की प्रमुख लड़ाइयों, वीरों और सेना की आधुनिक तकनीकों को आकर्षक रूप से दिखाया गया, जिससे दर्शकों में देशभक्ति की भावना और बढ़ गई।
आर्मी डे परेड और भी कई आकर्षण
शौर्य संध्या के साथ ही जयपुर में 78वीं आर्मी डे परेड भी भव्य रूप से मनाई गई। इसमें—
- सेना की पटरोल
- आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
- हेलीकॉप्टर और उपकरण
जैसे कई प्रमुख कार्यक्रम शामिल थे।
इससे सेना और आम नागरिक के बीच विश्वास और सम्मान और मजबूत हुआ।
देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण माहौल
कार्यक्रम में आए हजारों लोग गर्व के साथ राष्ट्रीय झंडा लेकर उपस्थित रहे।
हर नागरिक ने भारतीय सेना की शौर्य गाथा को न सिर्फ देखा, बल्कि उसे महसूस भी किया।
इससे युवाओं में देशभक्ति की भावना और देश की रक्षा के प्रति सम्मान और बढ़ा।
