Rajasthan News: राजस्थान के वीर सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने महान सैन्य अधिकारी Sagat Singh को साहस, नेतृत्व और देशभक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल सागत सिंह का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, क्योंकि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए असाधारण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि चूरू के स्टेडियम का नाम अब उनके सम्मान में रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके साहस और समर्पण को हमेशा याद रखें।
19 साल की उम्र में सेना में शुरुआत, बड़े युद्धों में निभाई निर्णायक भूमिका
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि Sagat Singh ने मात्र 19 वर्ष की आयु में बीकानेर स्टेट फोर्सेस से अपने सैन्य करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया और कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से
Sino-Indian War और
Bangladesh Liberation War
जैसे ऐतिहासिक युद्धों में उनकी रणनीति और निर्णयों ने भारतीय सेना की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साहस और सैन्य कौशल के कारण उन्हें देश के सबसे सम्मानित सैन्य अधिकारियों में गिना जाता है।
सैनिकों के कल्याण के लिए सरकार की नई पहल और योजनाएं
मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि दीदवाना-कुचामन में राजस्थान का पहला एकीकृत सैनिक कल्याण परिसर स्थापित किया जाएगा, जिससे सैनिकों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में नए सैनिक कल्याण कार्यालय खोले जाएंगे और युद्ध विधवाओं तथा पूर्व सैनिकों को विशेष रियायतें दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और फायर विभाग जैसी आवश्यक सेवाओं में आरक्षण देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान और उनके परिवारों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए मानदेय बढ़ाने और सुविधाओं का विस्तार करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
नेतृत्व और ईमानदारी की मिसाल, सैन्य अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) K Birendra Singh Khangarot ने भी लेफ्टिनेंट जनरल सागत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उनके नेतृत्व और ईमानदारी की सराहना की। उन्होंने बताया कि वे उसी बटालियन का नेतृत्व कर चुके हैं, जिसका नेतृत्व सागत सिंह ने किया था, और उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा बचपन से ही दिखाई देती थी।
ब्रिगेडियर खंगारोट ने कहा कि सागत सिंह के जीवन और उनके सैन्य निर्णयों को समझना युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें देश सेवा और नेतृत्व की सही दिशा मिल सकती है। उन्होंने लोगों को उनकी जीवनी पढ़ने और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। राजस्थान सरकार द्वारा सैनिकों के सम्मान में उठाए गए ये कदम न केवल वीर सैनिकों की स्मृति को जीवित रखने का प्रयास हैं, बल्कि समाज में देशभक्ति और सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल सागत सिंह के नाम पर स्टेडियम का नामकरण और सैनिक कल्याण से जुड़ी नई योजनाएं यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार अपने सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
