प्रोजेक्ट का उद्देश्य नशे की बीमारी से पीड़ितों तक पहुंचना है: डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू
नशा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, नशा छोड़ने वालों को मिलेगा मुफ्त इलाज: एसएसपी गुरमीत सिंह
संत बाबा सोहन सिंह ने दिया संदेश—नशे से नाता तोड़ो, ज़िंदगी से नाता जोड़ो
Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए नशे के खिलाफ युद्ध अभियान के तहत, नशे की बुराई पर विजय पाने के उद्देश्य से फाजिल्का पुलिस विभाग और ज़िला प्रशासन ने आज अरनीवाला से प्रोजेक्ट आस की शुरुआत की। इसकी संयुक्त शुरुआत डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू और एसएसपी गुरमीत सिंह द्वारा की गई। इस कार्यक्रम को आयोजित करने में संत बाबा प्रेम सिंह जी और संत बाबा सोहन सिंह जी का विशेष सहयोग रहा और वे भी विशेष रूप से मौके पर मौजूद रहे।
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इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य नशे की बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों तक पहुंचकर उन्हें इलाज के लिए प्रेरित करना और समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर पुलिस विभाग नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने में लगा है, वहीं दूसरी ओर जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उनके मन में इलाज या नशा मुक्ति केंद्रों को लेकर डर या भ्रांतियाँ होती हैं। यह कार्यक्रम उन डर और भ्रांतियों को दूर करेगा और उन्हें इलाज करवाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि यह ‘आस’ प्रोग्राम उन युवाओं और उनके माता-पिता के लिए आशा की किरण बनेगा जो किसी कारणवश इस दलदल में फंस गए थे लेकिन अब इससे बाहर निकलना चाहते हैं। उन्होंने समाज से व्यापक भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इलाज करवाने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उन्हें मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा।
एसएसपी गुरमीत सिंह ने इस मौके पर ज़ोर देते हुए कहा कि नशा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से पेश आएगी और किसी के साथ ढिलाई नहीं बरती जाएगी। लेकिन जो भी व्यक्ति नशा छोड़ना चाहता है, वह बेझिझक आगे आए, पुलिस उसकी कोई पूछताछ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जीवन बहुत कीमती है और इसे खुशहाल बनाने की ‘आस’ के साथ यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। आज इसकी शुरुआत के बाद सभी सब-डिवीजनों में एक तय कार्यक्रम के तहत इस प्रकार के आउटरीच जागरूकता कैंप आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर परिवार में कोई सदस्य नशे की चपेट में है, तो उसे अनदेखा न करें बल्कि उसे प्रेरित करके इलाज के लिए लाएं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग डर या भ्रम के कारण इलाज के लिए आगे नहीं आते थे, लेकिन अब जब हम गाँव-गाँव जाएंगे, तो यह डर और भ्रम दूर कर उन्हें इलाज के लिए प्रेरित किया जाएगा।
संत बाबा सोहन सिंह ने इस मौके पर पुलिस और प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशा एक इलाज योग्य समस्या है। उन्होंने कहा कि नशे से नाता तोड़कर जीवन से नाता जोड़ना चाहिए। डॉक्टर की सलाह और इलाज से नशा छोड़ा जा सकता है। उन्होंने अपने प्रेरक शब्दों से लोगों से इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया।
डॉ. एरिक ने नशा पीड़ितों के इलाज की विधियों के बारे में बताया। एसपी (डी) मुख्तियार राय और डीएसपी जतिंदर सिंह ने भी लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर नशे के खिलाफ शपथ भी दिलवाई गई। एचएचओ अंग्रेज सिंह भी इस मौके पर उपस्थित थे।
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42 लोगों ने मौके पर कराया रजिस्ट्रेशन
एसएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि आज के इस विशेष कार्यक्रम में आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और इस आयोजन से प्रभावित होकर 42 लोगों ने नशा छोड़ने की इच्छा व्यक्त करते हुए मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास रजिस्ट्रेशन करवाया। इनमें से 38 लोगों का इलाज ओपीडी क्लीनिक से और 4 का इलाज नशा मुक्ति केंद्र में सोमवार से बाकायदा शुरू कर दिया जाएगा।
