Punjab News: पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत शुरू की गई ‘सेफ पंजाब’ सीक्रेट व्हाट्सएप हेल्पलाइन राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ प्रभावी हथियार बनकर उभरी है। सरकार के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक 21,900 से अधिक नशा तस्करों और आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आम लोगों की भागीदारी के जरिए नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना भी है।
गोपनीय तरीके से दी जा सकती है सूचना
पंजाब सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ‘सेफ पंजाब’ व्हाट्सएप हेल्पलाइन (97791-00200) के माध्यम से नशा तस्करी, संदिग्ध गतिविधियों या नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी जानकारी साझा करें। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह हेल्पलाइन जनता और पुलिस के बीच भरोसेमंद संपर्क माध्यम के रूप में काम कर रही है।
तीन स्तंभों पर आधारित है अभियान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम को प्रवर्तन (Enforcement), नशामुक्ति (De-addiction) और रोकथाम (Prevention) की रणनीति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ नशे के शिकार लोगों को उपचार और पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
पुलिस का दावा, लगातार हो रही बड़ी कार्रवाई
पंजाब पुलिस के अनुसार राज्यभर में नियमित छापेमारी, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) और विशेष अभियानों के जरिए नशा तस्करों के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम, नशीली गोलियां, ड्रग मनी और अपराध में इस्तेमाल होने वाली संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।
जनता की भागीदारी को बताया सबसे अहम
सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना किसी डर के गोपनीय रूप से जानकारी साझा करें, ताकि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सके। सरकार का दावा है कि जनता के सहयोग से चल रही यह पहल नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में लगातार प्रभावी साबित हो रही है।
