Punjab News: पंजाब सरकार ने राज्य में नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई को और तेज कर दिया है। पंजाब विधानसभा में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने कहा कि सरकार नशे से कमाई गई रकम से बनी बड़ी-बड़ी संपत्तियों को किसी भी कीमत पर खड़ा नहीं होने देगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
एक साल में हजारों मामले दर्ज
वित्त मंत्री ने बताया कि 1 मार्च 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच पंजाब पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) के तहत 36,178 एफआईआर दर्ज कीं।
इस दौरान 47,902 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सरकार का कहना है कि यह अभियान नशे की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
ड्रग सप्लायर और बड़े तस्कर भी गिरफ्तार
सरकार ने नशे के नेटवर्क पर सीधा वार करते हुए 3,173 ड्रग सप्लायर और डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 429 बड़े तस्करों को भी पकड़ा गया है।
सरकार का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से नशे के बड़े नेटवर्क को काफी नुकसान पहुंचा है और राज्य में तस्करी की गतिविधियों पर रोक लगी है।
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त
इस अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ भी जब्त किए हैं। इनमें 2,276 किलोग्राम हेरोइन, 29 टन भुक्की, 686 किलोग्राम अफीम और 786 किलोग्राम गांजा शामिल हैं।
इसके अलावा 68 किलोग्राम चरस, 4 किलोग्राम कोकीन, 36 किलोग्राम आईस और 49 लाख से ज्यादा नशीली गोलियां और कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी बरामदगी से राज्य में नशे की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है।

ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर भी कार्रवाई
सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए भी पंजाब पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं।
इस दौरान 285 ड्रोन बरामद किए गए, जिनके जरिए तस्करी की जा रही 338 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। इससे सीमा पार से होने वाली नशे की सप्लाई पर भी प्रभावी रोक लगी है।
ड्रग मनी और अवैध संपत्ति पर बड़ा वार
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सरकार ने नशा तस्करों की आर्थिक जड़ों पर भी हमला किया है।
अब तक 17 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है। इसके अलावा 569 तस्करों से जुड़ी 241 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 323 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त भी किया है, जो नशे की कमाई से बनाई गई थीं।
एनडीपीएस मामलों में 89 प्रतिशत सजा दर
सरकार ने अपराधियों को सख्त सजा दिलाने पर भी खास ध्यान दिया है। अब तक 6,822 मामलों की सुनवाई में से 6,083 मामलों में दोषियों को सजा हुई है।
इस तरह राज्य में सजा दर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे देश में सबसे अधिक माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि डिजिटल सबूत और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से जांच मजबूत हुई है, जिससे अदालतों में सजा दर बढ़ी है।
नशामुक्त पंजाब बनाने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान सिर्फ पुलिस कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह पंजाब के परिवारों और युवाओं को नशे के खतरे से बचाने की एक बड़ी पहल है।
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य को धीरे-धीरे नशामुक्त बनाया जाए और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य दिया जा सके।
