Punjab News: पंजाब में SC विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू, 15 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

पंजाब
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Punjab news: पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (शैक्षणिक सत्र 2026-27) का ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि योजना के लिए आवेदन 1 जुलाई 2026 से नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की उच्च शिक्षा में बाधा न बने।

15 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—

  • आवेदन शुरू: 1 जुलाई 2026
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026
  • त्रुटिपूर्ण आवेदन सुधारने की अंतिम तिथि: 30 नवंबर 2026
  • संस्थान स्तर पर सत्यापन: 30 नवंबर 2026
  • डीएनओ/एसएनओ/एमएनओ स्तर पर अंतिम सत्यापन: 15 दिसंबर 2026

गांव-गांव लगाए जाएंगे जागरूकता शिविर

डॉ. बलजीत कौर ने सभी जिला सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों और दूरदराज़ इलाकों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करें।

उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव या आवेदन प्रक्रिया की कठिनाइयों के कारण कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए।

शिक्षण संस्थानों को भी दिए गए निर्देश

मंत्री ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा और पशुपालन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों एवं शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को—

  • ऑनलाइन आवेदन भरने,
  • आवश्यक दस्तावेज तैयार करने,
  • और समय पर आवेदन जमा कराने

में पूरा सहयोग दें।

समान अवसर और उच्च शिक्षा पर सरकार का जोर

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में कोई वित्तीय बाधा न आए और राज्य में प्रतिभाओं के पलायन को भी रोका जा सके।