Punjab News: पंजाब में भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत एक गंभीर हालत में जन्मी नवजात बच्ची को नई जिंदगी मिली है। समय से पहले जन्म लेने और कम वजन के कारण बच्ची की स्थिति बेहद नाजुक थी, लेकिन समय पर मिले इलाज और सरकारी योजना के सहयोग से वह स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकी।
33 सप्ताह में हुआ जन्म, सांस लेने में थी परेशानी
यह मामला बठिंडा जिले के रामपुरा फूल स्थित एक अस्पताल का है, जहां रेशम सिंह और गुरमेल कौर की बेटी का जन्म केवल 33 सप्ताह में हो गया। जन्म के समय बच्ची का वजन मात्र 1.926 किलोग्राम था, जो सामान्य नवजात के वजन से काफी कम है। जन्म के तुरंत बाद बच्ची को सांस लेने में गंभीर कठिनाई होने लगी। ऐसे हालात में डॉक्टरों ने तुरंत उसे एनआईसीयू (NICU) में भर्ती कर इलाज शुरू किया।
17 दिनों तक चला इलाज, मशीनों की मदद से मिली राहत
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरिंदर अग्रवाल और उनकी टीम ने बच्ची का लगातार इलाज किया।
- 10 दिनों तक CPAP मशीन के जरिए सांस लेने में सहायता दी गई
- इसके बाद 4 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया
- पीलिया होने पर फोटोथेरेपी से उपचार किया गया
- सावधानीपूर्वक कंगारू मदर केयर के माध्यम से पोषण दिया गया
लगातार निगरानी और सही उपचार के कारण बच्ची की स्थिति धीरे-धीरे सुधरने लगी।
योजना के तहत मिला कैशलेस इलाज
इस पूरे इलाज का खर्च मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कवर किया गया, जिससे परिवार को आर्थिक चिंता नहीं करनी पड़ी। डॉक्टरों ने बिना किसी देरी के इलाज जारी रखा और 17 दिनों बाद बच्ची को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अब बच्ची का वजन बढ़कर 2.106 किलोग्राम हो गया है और उसकी सेहत पहले से काफी बेहतर है।
दूसरे परिवार को भी मिला योजना का लाभ
इसी तरह होशियारपुर के मनिंदर सिंह ने भी बताया कि उनकी बेटी गुरकीरत कौर को जन्म के बाद विशेष देखभाल की जरूरत पड़ी थी। अस्पताल में उनका इलाज सफलतापूर्वक हुआ और पूरा खर्च स्वास्थ्य कार्ड के तहत कवर हो गया। परिवार का रजिस्ट्रेशन उसी दिन पूरा कर दिया गया और अब उन्हें हर साल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।
गरीब परिवारों के लिए वरदान बन रही स्वास्थ्य योजना
मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, खासकर उन परिवारों को जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इस योजना के माध्यम से गंभीर बीमारियों और आपात स्थितियों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। आज पंजाब के अस्पतालों में नवजात शिशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिल रहा है, जिससे कई परिवारों को नई उम्मीद और राहत मिल रही है।
