Punjab News: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर पंजाब ने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) 2023-24 के अनुसार, पंजाब देश में तंबाकू सेवन के सबसे कम मामलों वाला राज्य बनकर उभरा है।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इसे राज्य सरकार की नशा और तंबाकू विरोधी नीतियों की बड़ी सफलता बताया है।
पुरुषों और महिलाओं में सबसे कम तंबाकू सेवन
एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार:
- पंजाब में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में तंबाकू सेवन की दर केवल 13.9 प्रतिशत दर्ज की गई।
- जबकि राष्ट्रीय औसत 36.3 प्रतिशत है।
वहीं महिलाओं में स्थिति और बेहतर रही।
- पंजाब में 15 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में तंबाकू सेवन की दर मात्र 0.5 प्रतिशत रही।
- राष्ट्रीय औसत 8.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।
यह आंकड़े पंजाब को देश के सबसे कम तंबाकू उपयोग वाले राज्यों में शीर्ष स्थान पर स्थापित करते हैं।
तंबाकू नियंत्रण अभियान का दिखा असर
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि राज्यभर में चलाए गए व्यापक तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने युवाओं और बच्चों को नशे और तंबाकू की लत से बचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए हैं और कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है।
22 हजार से अधिक चालान जारी
तंबाकू उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के तहत:
- 22,054 चालान जारी किए
- सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उपयोग और बिक्री संबंधी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की
सरकार ने तंबाकू उल्लंघनों के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता नीति” अपनाई है।
सभी जिलों में चल रहे तंबाकू मुक्ति केंद्र
राज्य के सभी जिलों में विशेष तंबाकू मुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
इन केंद्रों में लोगों को:
- चिकित्सकीय परामर्श
- मनोवैज्ञानिक सहायता
- तंबाकू छोड़ने के लिए उपचार
- स्वास्थ्य मार्गदर्शन
जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
800 से अधिक गांव बने तंबाकू मुक्त
पंजाब में तंबाकू विरोधी अभियान को जनआंदोलन का रूप देने में ग्रामीण समुदायों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
राज्य के:
- 800 से अधिक गांव स्वयं को तंबाकू मुक्त घोषित कर चुके हैं।
इन गांवों में तंबाकू सेवन और बिक्री के खिलाफ सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
98.6 प्रतिशत स्कूल हुए तंबाकू मुक्त
भविष्य की पीढ़ी को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाने के लिए राज्य सरकार ने स्कूलों पर विशेष फोकस किया है।
राष्ट्रीय तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI) दिशानिर्देशों के तहत:
- पंजाब के 98.6 प्रतिशत स्कूलों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया है।
यह देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक माना जा रहा है।
व्यापक सर्वेक्षण के आधार पर मिली उपलब्धि
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब में NFHS-6 सर्वेक्षण का कार्य 1 मार्च 2024 से 1 अक्टूबर 2024 के बीच किया गया था।
सर्वेक्षण में शामिल थे:
- 19,616 परिवार
- 20,135 महिलाएं
- 3,160 पुरुष
इन आंकड़ों के आधार पर राज्य की यह उपलब्धि दर्ज की गई है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए अपने प्रयास जारी रखेगी।
सरकार:
- जागरूकता अभियान बढ़ाएगी
- कानूनों का और सख्ती से पालन कराएगी
- सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करेगी
ताकि आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाया जा सके।
बड़ी तस्वीर
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर पंजाब की यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य की दीर्घकालिक रणनीति और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। तंबाकू सेवन की सबसे कम दर, 800 से अधिक तंबाकू मुक्त गांव और लगभग 99 प्रतिशत तंबाकू मुक्त स्कूल पंजाब को देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
