Punjab News: पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री Dr. Balbir Singh ने Chandigarh में सिविल सर्जनों और डिप्टी मेडिकल कमिश्नरों के साथ राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में जमीनी स्तर पर चल रही स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि अब स्वास्थ्य सेवाओं को और तेज, पारदर्शी और मरीज केंद्रित बनाया जाएगा।
881 आम आदमी क्लिनिक चल रहे, 550 से अधिक और जुड़ेंगे
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब में इस समय 881 आम आदमी क्लिनिक काम कर रहे हैं। इन क्लिनिकों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले महीने गर्भवती महिलाओं की जांच में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार ने 243 नए आम आदमी क्लिनिक खोलने और 308 सब हेल्थ सेंटर को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। इन क्लिनिकों में नवजात देखभाल, टीकाकरण और कैंसर की शुरुआती जांच जैसी सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।
100 प्रतिशत जरूरी दवाएं और मुफ्त जांच के आदेश
डॉ. बलबीर सिंह ने सख्त निर्देश दिए कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाएं पूरी तरह उपलब्ध रहें।
उन्होंने कहा कि कोई भी मरीज दवा या जांच के लिए बाहर पैसे खर्च न करे। दवाओं की उपलब्धता की निगरानी डिजिटल सिस्टम के जरिए की जाएगी। यदि किसी जिले में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
10 लाख तक कैशलेस इलाज पर जोर
राज्य सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र परिवारों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना देरी इलाज मिले। लक्ष्य है कि इलाज के कारण किसी परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।

डिजिटल सुधार और नई स्वास्थ्य सुविधाएं
बैठक में डिजिटल सुधारों की भी समीक्षा की गई। मेडिको लीगल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
राज्य में 22 जिलों में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब और 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इनमें आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
बैठक में मातृ मृत्यु दर कम करने, नवजात शिशु की सुरक्षा और टीकाकरण अभियान को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान में सुधार हुआ है, जिससे समय पर इलाज संभव हो रहा है। अधिकारियों को सही और समय पर रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए।
नशा विरोधी अभियान की समीक्षा
स्वास्थ्य मंत्री ने नशा विरोधी अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। मेडिकल कॉलेजों में बने केंद्रों के जरिए इलाज और पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है।
जल्द ही रिकवरी एंबेसडर कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें नशा छोड़ चुके लोग दूसरों को जागरूक करेंगे और उन्हें सही रास्ते पर लौटने में मदद करेंगे।
जिला स्तर पर जवाबदेही तय
डॉ. बलबीर सिंह ने सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें।
उन्होंने कहा कि हर मरीज के साथ सहानुभूति और सम्मान से व्यवहार किया जाए। साफ सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मशीनों की कार्य स्थिति की नियमित जांच होनी चाहिए।
सरकार ने स्पष्ट किया कि अब हर जिले में परिणाम आधारित काम होगा और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
