Punjab News: पंजाब की राजनीति में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को लेकर वायरल हुए कथित फर्जी वीडियो का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। आम आदमी पार्टी (आप) ने अब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि फॉरेंसिक जांच में यह साबित हो चुका है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नहीं हैं, इसलिए अब यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस वीडियो को किसने बनाया, किसने फैलाया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
फॉरेंसिक जांच में वीडियो फर्जी होने का दावा
चंडीगढ़ में पार्टी की ओर से जारी बयान में ‘आप’ के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शुरू से ही इस वीडियो को फर्जी बताते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वीडियो के 1,100 से अधिक फ्रेम की फॉरेंसिक जांच की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से सामने आया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है। पार्टी का कहना है कि जांच ने मुख्यमंत्री और वीडियो के बीच किसी भी तरह के संबंध को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
साजिश के पीछे कौन, इसका जवाब जरूरी
बलतेज पन्नू ने कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति कौन था। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि वीडियो किसने बनाया, इसका निर्देशन किसने किया और इसके लिए आर्थिक मदद किसने दी। पार्टी का मानना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि साजिश के पीछे मौजूद सभी लोगों की पहचान हो सके।
डीजीपी को सौंपे गए सबूत
‘आप’ नेताओं ने बताया कि पंजाब ‘आप’ के अध्यक्ष अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा पहले ही पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज और सबूत सौंपे तथा पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की मांग की। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच कर दोषियों तक पहुंचेगी।
सुखबीर बादल को तलब करने की मांग
आम आदमी पार्टी ने इस मामले में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भी घेरा है। बलतेज पन्नू ने कहा कि जत्थेदार को सुखबीर बादल को तलब कर यह पूछना चाहिए कि उन्हें इस वीडियो के बारे में पहले से जानकारी कैसे थी। पार्टी का कहना है कि यदि उन्होंने वीडियो से जुड़े दावे किए हैं तो उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि यह जानकारी उन्हें कहां से मिली।
पूरी सच्चाई सामने लाने पर जोर
‘आप’ ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने के लिए चलाए गए कथित फर्जी वीडियो अभियान की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए वीडियो बनाने, प्रचारित करने और इसके लिए धन उपलब्ध कराने वाले सभी लोगों की पहचान होनी चाहिए ताकि सच जनता के सामने आ सके।
