Punjab News: पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब परिवारों को बड़ी राहत देते हुए आशीर्वाद योजना के तहत 31.78 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस राशि से प्रदेश के 12 जिलों के 6,231 लाभार्थियों को सीधे लाभ मिला है।
यह जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहारा
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
आशीर्वाद योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के समय आर्थिक बोझ को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इन 12 जिलों के लाभार्थियों को मिला लाभ
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आशीर्वाद पोर्टल पर कुल 6,231 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके तहत जिन जिलों के लाभार्थियों को सहायता दी गई, वे हैं—
- फरीदकोट
- फिरोजपुर
- श्री फतेहगढ़ साहिब
- फाजिल्का
- गुरदासपुर
- जालंधर
- कपूरथला
- लुधियाना
- पटियाला
- एस.बी.एस. नगर
- संगरूर
- तरनतारन
लुधियाना और फाजिल्का के सबसे अधिक लाभार्थी
मंत्री ने बताया कि
- लुधियाना जिले के 2,498
- फाजिल्का जिले के 1,647
लाभार्थियों को योजना का सबसे अधिक लाभ मिला। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सैकड़ों परिवारों को सहायता प्रदान की गई।
विवाह के लिए 51,000 रुपये की सहायता
आशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।
इससे गरीब परिवारों को विवाह से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है।
योजना की पात्रता क्या है
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना का लाभ वही परिवार ले सकते हैं—
- जो पंजाब के स्थायी निवासी हों
- जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) आते हों
- जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 32,790 रुपये से कम हो
एक पात्र परिवार की दो बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
डीबीटी से सीधे खाते में पैसा
सरकार द्वारा दी जाने वाली यह वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
इससे पारदर्शिता बनी रहती है और राशि समय पर मिलती है।
कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मान सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सशक्त बनाकर उनके जीवन स्तर को बेहतर करना सरकार की प्राथमिकता है।
