Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने प्रवासी पंजाबी कानूनी समुदाय से राज्य की पुरानी गौरवशाली पहचान को बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।
Chandigarh में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट वीक के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दुनिया भर से आए कानूनी विशेषज्ञों, न्यायविदों और प्रतिष्ठित मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख कानूनी विद्वान, न्यायाधीश, वकील और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
दुनिया भर से पहुंचे सिख न्यायविद
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि इस कार्यक्रम में अमेरिका, यूके, कनाडा और सिंगापुर जैसे देशों से आए सिख वकील, जज और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें से कई लोगों ने विदेशों में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो पूरे पंजाबी समाज के लिए गर्व की बात है।

पंजाब की पहचान भाईचारे और मेहनत से
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों और आध्यात्मिक नेताओं की पवित्र भूमि है। उन्होंने कहा कि यह राज्य बहादुर और मेहनती लोगों के लिए जाना जाता है।
जहां पंजाब के जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, वहीं किसान देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसी कारण पंजाब को देश का अन्न भंडार भी कहा जाता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सद्भाव और भाईचारे की मिसाल है, जहां नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि Amritsar को वैश्विक भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।
यहां स्थित Sri Harmandir Sahib, Durgiana Temple, Bhagwan Valmiki Tirath Sthal और Jallianwala Bagh जैसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थल पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।
न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि न्याय प्रणाली को मजबूत करने और लोगों को समय पर न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 159 कानूनी अधिकारियों की भर्ती की जा चुकी है। इसके साथ ही राज्य सरकार के 53 अधिनियमों का पंजाबी भाषा में अनुवाद कर उन्हें इंडियन कोड पोर्टल पर अपलोड किया गया है, ताकि आम लोगों के लिए कानूनों को समझना आसान हो सके।
एनआरआई और विशेष अदालतों की स्थापना
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रवासी भारतीयों से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए राज्य में कई विशेष अदालतें स्थापित की गई हैं।
Jalandhar, Kapurthala, Hoshiarpur, Ludhiana, Moga और Shaheed Bhagat Singh Nagar में छह विशेष एनआरआई अदालतें स्थापित की गई हैं।
इसके अलावा Sangrur और Tarn Taran में फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतें भी बनाई गई हैं।
न्यायिक ढांचे के विकास पर खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक राज्य में अदालतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 48.82 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक भी न्याय की पहुंच आसान हो सके।
