Punjab News: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर Arvind Kejriwal और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने धूरी स्थित Sri Rankeshwar Mahadev Temple में मत्था टेका। दोनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर पंजाब और देश की शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
महाशिवरात्रि को बताया सभ्यता का पर्व
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा सभ्यतागत उत्सव है। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से सभी नागरिकों पर कृपा बनाए रखने और देश व पंजाब की निरंतर प्रगति की कामना की।
सिद्ध पीठ का ऐतिहासिक महत्व
नेताओं ने बताया कि श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर मालवा क्षेत्र का एक प्रसिद्ध सिद्ध पीठ है। मान्यता है कि यह स्थान महाभारत काल से जुड़ा है और यहां अर्जुन ने भगवान शिव की तपस्या की थी। ऐसी आस्था है कि भगवान शिव ने प्रसन्न होकर अर्जुन को दिव्य अस्त्र प्रदान किए थे।
उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थल हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी आस्था को आगे बढ़ाते हैं।
पंजाब सरकार की विरासत बचाने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को विशेष रूप से मनाया है और अब श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की तैयारी कर रही है।
सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश
दोनों नेताओं ने कहा कि महाशिवरात्रि आत्मिक जागरण, संयम और सत्य की खोज का संदेश देती है। यह पर्व प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करता है। ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधते हैं और क्षेत्रीय पहचान को सशक्त बनाते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री रणकेश्वर महादेव मंदिर में की गई पूजा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और आस्था की निरंतरता का प्रतीक है। नेताओं ने विश्वास जताया कि भगवान शिव की कृपा से राज्य में शांति और विकास बना रहेगा।
