Punjab News: आम आदमी पार्टी (आप) ने भारत और अमेरिका के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के खिलाफ पंजाब के कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया। ‘आप’ ने इस समझौते को किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए नुकसानदायक बताया।
पार्टी ने ‘भारत बंद’ का भी समर्थन किया और कहा कि यह समझौता देश के हितों के खिलाफ है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और हाथों में तख्तियां लेकर अपना रोष जताया।

किसानों पर पड़ेगा सीधा असर
किसान विंग के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि यह समझौता भारतीय कृषि व्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकता है। उनके अनुसार, समझौते के तहत अमेरिका को डेयरी और अन्य कृषि उत्पाद भारत में बिना टैक्स के बेचने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि अगर विदेशी उत्पाद सस्ते दाम पर बाजार में आएंगे तो स्थानीय किसानों और डेयरी संचालकों को भारी नुकसान होगा। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ सकती है और किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा।
टैक्स में असमानता का आरोप
‘आप’ के ट्रेड विंग के महासचिव रणजीत पाल सिंह ने केंद्र सरकार पर असमान शर्तें मानने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां अमेरिकी उत्पादों पर भारत में कोई टैक्स नहीं लगेगा, वहीं भारतीय वस्तुओं को अमेरिका में 18 प्रतिशत तक टैक्स देना होगा।
उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि यह मुकाबला बराबरी का नहीं है। पार्टी का कहना है कि जब तक समझौते की शर्तें संतुलित नहीं होंगी, तब तक इसका विरोध जारी रहेगा।
देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान का दावा
महासचिव सतवीर सिंह बख्शीवाला ने कहा कि यह समझौता आर्थिक रूप से देश को कमजोर कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल दिया है।
उनका कहना है कि इसका असर सिर्फ किसानों पर नहीं, बल्कि छोटे उद्योगों, व्यापारियों और आम लोगों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाएगी और केंद्र सरकार की नीति का विरोध करेगी।

समझौता रद्द करने की मांग
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से इस व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने किसानों और व्यापारियों के हितों की रक्षा नहीं की, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
‘आप’ का कहना है कि देश के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में भारतीय किसानों, व्यापारियों और आम जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
