Punjab News: पंजाब की राजनीति में एक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा द्वारा संगरूर की धरती को ‘दीमक’ पैदा करने वाली धरती बताने वाले बयान पर आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कड़ा विरोध जताया है। धालीवाल ने इस टिप्पणी को न केवल अपमानजनक बताया, बल्कि इसे पंजाब के गौरवशाली इतिहास और शहीदों की धरती का अपमान भी करार दिया।
संगरूर के इतिहास का अपमान बताया बयान
कुलदीप धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को इस तरह का बयान देने से पहले संगरूर के इतिहास के बारे में जानकारी लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि संगरूर वह धरती है, जिसने देश को कई महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी दिए हैं।
धालीवाल ने कहा कि शहीद-ए-आजम ऊधम सिंह और सेवा सिंह ठीकरीवाला जैसे महान देशभक्त इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। ऐसे में इस पवित्र धरती को ‘दीमक’ कहना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगरूर हमेशा से क्रांतिकारी आंदोलनों का केंद्र रहा है, चाहे वह आजादी की लड़ाई हो या हाल के किसान आंदोलन।
बाजवा से बिना शर्त माफी की मांग
आप नेता कुलदीप धालीवाल ने प्रताप सिंह बाजवा से तुरंत बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से न केवल संगरूर के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि पूरे पंजाब की जनता को भी ठेस पहुंची है।
धालीवाल ने यह भी कहा कि किसी भी नेता को सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है और राजनीतिक माहौल खराब होता है।
कांग्रेस पर पलटवार, 75 साल तक लूट का आरोप
धालीवाल ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक पंजाब और देश पर शासन किया, लेकिन विकास के बजाय भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण राज्य को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में कई बड़े घोटाले सामने आए और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी कई बार कमजोर रही। धालीवाल ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल की समीक्षा करनी चाहिए।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
कुलदीप धालीवाल ने भविष्य के चुनावों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और जनता का समर्थन पार्टी के साथ है।
उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी पहले से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। उनका कहना है कि जनता अब पारंपरिक राजनीति से हटकर नई सोच और विकास की राजनीति को पसंद कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा सियासी माहौल
इस बयान को लेकर पंजाब की राजनीति में माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे अपमानजनक बता रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव नजदीक आने के साथ इस तरह की बयानबाजी और राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में नेताओं को संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि समाज में शांति और सम्मान बना रहे। संगरूर को लेकर दिए गए बयान ने पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह मामला केवल एक शब्द तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोगों की भावनाओं और इतिहास का सम्मान भी महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है और इसका असर आगामी चुनावी माहौल पर भी देखने को मिल सकता है।
