Punjab News: पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई ने एक नया मुकाम हासिल किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे राज्यव्यापी एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ ने तीन महीनों में अपराधियों के नेटवर्क को गहरा झटका दिया है।
इस अभियान के तहत पुलिस ने न केवल गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क, फंडिंग और लॉजिस्टिक सिस्टम को भी निशाना बनाया है। लगातार छापेमारी और कार्रवाई के कारण अपराधियों में डर का माहौल बन गया है और कई गैंग सक्रिय रूप से कमजोर पड़ गए हैं।
62 हजार से ज्यादा छापों से टूटा गैंगस्टर नेटवर्क
20 जनवरी 2026 को शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि संगठित अपराध की जड़ को खत्म करना है।
पिछले तीन महीनों में 19 अप्रैल तक पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में 62,302 छापे मारे। इस दौरान 915 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
कुल मिलाकर 22,605 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें
- 461 गैंगस्टरों के साथी
- 22,144 वांछित आरोपी शामिल हैं।
यह आंकड़े बताते हैं कि पुलिस ने हर स्तर पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
49,298 अपराधियों पर हुई कार्रवाई
इस अभियान के तहत पुलिस ने केवल गिरफ्तारियां ही नहीं कीं, बल्कि एहतियातन कार्रवाई पर भी विशेष ध्यान दिया।
- 10,254 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया
- 16,439 लोगों की जांच के बाद रिहा किया गया
कुल मिलाकर इस अभियान के दौरान 49,298 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि पंजाब पुलिस ने अपराध के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया है।
हथियार और विस्फोटक की बड़ी बरामदगी
गैंगस्टर नेटवर्क को कमजोर करने के लिए पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं।
बरामद सामान में शामिल हैं:
- 408 हथियार
- 148 धारदार हथियार
- 1197 कारतूस
- 122 मैगजीन
- 2.5 किलोग्राम विस्फोटक
- 6 हैंड ग्रेनेड
इन बरामदगियों से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने अपराधियों की ताकत को सीधे तौर पर कमजोर किया है।
नशा तस्करी पर भी बड़ा प्रहार
‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान ने नशा तस्करी के नेटवर्क पर भी गहरी चोट पहुंचाई है।
पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और ड्रग मनी बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
- 378.45 किलोग्राम हेरोइन
- 301.947 किलोग्राम अफीम
- 2,838.77 किलोग्राम भूक्की
- 12 लाख से ज्यादा नशीली गोलियां
- 101.459 किलोग्राम गांजा
इसके अलावा पुलिस ने
- 1.05 करोड़ रुपये की ड्रग मनी
- 50 लाख रुपये नकद
- 273 ग्राम सोना भी जब्त किया है।
यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है।
लॉजिस्टिक नेटवर्क पर भी कसा शिकंजा
अपराधियों के संचालन को रोकने के लिए पुलिस ने उनके संसाधनों को भी निशाना बनाया।
अभियान के दौरान:
- 4,229 मोबाइल फोन
- 815 वाहन
- 31 ड्रोन
जब्त किए गए।
इसके साथ ही 24,520 लीटर से ज्यादा अवैध शराब भी बरामद की गई, जिससे अवैध व्यापार पर रोक लगी है।
आधुनिक तकनीक और AI से बढ़ी पुलिस की ताकत
इस अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है।
AI के माध्यम से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उनके नेटवर्क को तेजी से ट्रैक किया जा रहा है। इससे पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में काफी मदद मिली है।
इसके अलावा नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन (93946-93946) भी शुरू की गई है, जहां लोग गोपनीय रूप से सूचना दे सकते हैं।
पंजाब में गैंगस्टर कल्चर के लिए कोई जगह नहीं
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के एडीजीपी प्रमोद बान ने कहा कि यह अभियान केवल अपराधियों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका नेटवर्क पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस राज्य के हर जिले, गांव और शहर में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क का लगातार पर्दाफाश कर रही है और आगे भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान ने यह साबित कर दिया है कि संगठित अपराध के खिलाफ सख्त और लगातार कार्रवाई से बड़े नेटवर्क को भी कमजोर किया जा सकता है।
पंजाब सरकार और पुलिस की संयुक्त कोशिशों से राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हो रही है और अपराधियों के मन में डर पैदा हुआ है। आने वाले समय में यह अभियान और तेज होने की उम्मीद है।
