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Punjab News: समाज में फूट डालने की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक: सीएम भगवंत मान

पंजाब
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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खटकड़ कलां में ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी और देश में बढ़ती विभाजनकारी राजनीति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज समाज में समुदायों के बीच टकराव पैदा करने की कोशिशें हो रही हैं, जो लोकतंत्र और शहीदों के आदर्शों के खिलाफ हैं।

“यह वह भारत नहीं…”—अधूरे सपनों की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस भारत का सपना भगत सिंह और उनके साथियों—राजगुरु व सुखदेव—ने देखा था, वह आज भी पूरी तरह साकार नहीं हुआ है। उनके अनुसार, नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति देश को उस राह से भटका रही है, जिसके लिए इन शहीदों ने अपने प्राण न्यौछावर किए थे।

बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून का बचाव

सीएम ने “जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026” का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून इसलिए बनाया गया है ताकि कोई भी दोषी कानूनी खामियों का फायदा उठाकर बच न सके। उन्होंने बताया कि पहले कई मामलों में आरोपी मानसिक अस्थिरता का हवाला देकर सजा से बच निकलते थे, लेकिन अब कानून में ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं कि दोषियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों या देखरेख करने वालों को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

सख्त प्रावधान और जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस कानून के तहत गंभीर मामलों में कम से कम 10 साल तक जमानत नहीं मिलेगी और सजा उम्रकैद तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि कानून को कानूनी विशेषज्ञों की सलाह से तैयार किया गया है ताकि भविष्य में कोई भी loophole (खामी) न रह जाए और इसकी मजबूती बनी रहे।

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राजनीतिक आरोप और जवाबी हमला

सीएम भगवंत सिंह मान ने विपक्ष, खासकर अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम पहले बेअदबी घटनाओं से जुड़े रहे हैं, वे इस कानून का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए इन दलों ने ऐसे मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया और अब राजनीतिक कारणों से विरोध कर रहे हैं।

विकास और जनकल्याण की बात

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आम आदमी क्लीनिक के जरिए मुफ्त इलाज दिया जा रहा है, सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाया जा रहा है, 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत परिवारों को ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। इसके अलावा किसानों को दिन में मुफ्त बिजली और सिंचाई के लिए नहरों का पुनर्जीवन भी किया गया है।

पंजाब की पहचान: भाईचारा और एकता

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब हमेशा से भाईचारे, प्रेम और “सर्बत्त के भले” की भावना के लिए जाना जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट रहें और राज्य की शांति बनाए रखें।

निष्कर्ष: शहीदों के आदर्शों की ओर लौटने की जरूरत

इस पूरे घटनाक्रम में एक बात साफ है कि पंजाब की राजनीति में कानून, धर्म और इतिहास एक साथ जुड़े हुए हैं। भगवंत सिंह मान का संदेश स्पष्ट है—शहीदों के आदर्शों को याद रखते हुए समाज में एकता और न्याय को मजबूत करना जरूरी है। अब देखना यह होगा कि यह संदेश जमीन पर कितना असर डालता है और क्या यह राजनीतिक बहस को सकारात्मक दिशा दे पाता है।