Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल के लंबे शासन के दौरान गरीब और पिछड़े वर्गों को शिक्षा से दूर रखना एक सोचा-समझा राजनीतिक फैसला था। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति के पैसे का दुरुपयोग कर दलित युवाओं की कई पीढ़ियों के सपनों को कुचल दिया गया।
बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही सरकार
B. R. Ambedkar की जयंती पर Adampur में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार सामाजिक न्याय और समानता के लिए शिक्षा और महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब एक महान विद्वान, विधिवेत्ता और समाज सुधारक थे, जिनके योगदान ने उन्हें विश्व स्तर पर सम्मान दिलाया।
शिक्षा को बताया गरीबी से बाहर निकलने की कुंजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी को खत्म नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा वह माध्यम है जो लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने गरीबों को शिक्षा से दूर रखकर उन्हें केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर बना दिया।
महिलाओं के लिए नई वित्तीय सहायता योजना की घोषणा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए ‘मावां-धीआं सतिकार योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह ₹1500 और अन्य महिलाओं को ₹1000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलेगा और इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं को राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में आगे आने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें और राजनीति व निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि समाज और राज्य के विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है और सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
किसानों और युवाओं के लिए सरकार के बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों को धान के सीजन के दौरान पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। इसके अलावा 65 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
