Punjab News: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अशोक मित्तल के खिलाफ जालंधर में AAP कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और अपने विरोध को खुलकर व्यक्त किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिन नेताओं को जनता और पार्टी ने भरोसा देकर राज्यसभा भेजा था, उन्होंने उस विश्वास को तोड़ा है।
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने इन लोगों को राज्यसभा में भेजकर राज्य के मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन उन्होंने न तो पंजाब के हितों की रक्षा की और न ही पार्टी के प्रति वफादारी दिखाई। इस कारण कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी देखने को मिली।
‘गद्दार’ लिखने की कोशिश पर पुलिस ने रोका, हुई हाथापाई
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने शहर में स्थित लवली स्वीट्स के गेट पर लाल रंग से “गद्दार” लिखने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की हाथापाई की स्थिति भी बन गई, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी को भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
‘पंजाब दे गद्दार’ लिखे पोस्टर लेकर निकाला विरोध
AAP कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान “पंजाब दे गद्दार” लिखे पोस्टर भी हाथों में लिए हुए थे। उन्होंने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के घर के बाहर भी नारेबाजी की और दलबदल करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पंजाब के लोग ऐसे नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने पार्टी और जनता के भरोसे को तोड़ा है। उनका मानना है कि इस तरह के कदम लोकतंत्र और जनादेश के खिलाफ हैं। जालंधर में अशोक मित्तल के खिलाफ AAP का यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। पार्टी कार्यकर्ता दलबदल के मुद्दे पर लगातार विरोध जता रहे हैं और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
