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Noida News: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने स्टडी रूम में लगाई फांसी, परिवार में मचा कोहराम

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Noida News: नोएडा के सेक्टर-7 स्थित एक अपार्टमेंट में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने स्टडी रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब पत्नी और बेटा सोकर उठे, तो उन्होंने इंजीनियर का शव कमरे में लटकता हुआ देखा। इस दृश्य को देखकर दोनों की चीख निकल गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम की मदद से शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।

रेलवे से जुड़ी कंपनी में करते थे नौकरी

मृतक की पहचान अनुराग निरंजन (43) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से Jalaun जिले के किशनपुरा गांव के रहने वाले थे। वह एक अर्द्धसरकारी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, जो रेलवे को सॉफ्टवेयर सेवाएं प्रदान करती है।

अनुराग पिछले कुछ वर्षों से सेक्टर-7 स्थित अंतरिक्ष गोल्फ व्यू अपार्टमेंट की एक टॉवर में चौथी मंजिल पर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और 16 साल का बेटा है।

स्टडी रूम में लगाया फंदा

घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे की बताई जा रही है। पत्नी और बेटा जब सोकर उठे, तो उन्होंने अनुराग को स्टडी रूम में रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ पाया। यह देख पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई और सोसाइटी में यह खबर तेजी से फैल गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की।

सुसाइड नोट में परिवार से मांगी माफी

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। नोट में अनुराग ने अपने माता-पिता, पत्नी, बेटे और दोस्तों से माफी मांगी है। उन्होंने अपने एक दोस्त से अनुरोध किया था कि उनकी मृत्यु के बाद संपत्ति के ट्रांसफर में परिवार की मदद करे।

हालांकि, सुसाइड नोट में आत्महत्या का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है और न ही किसी व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है।

हाल ही में खरीदा था नया फ्लैट, लिया था बैंक से लोन

जानकारी के अनुसार, अनुराग ने हाल ही में दूसरा फ्लैट खरीदा था, जिसके लिए उन्होंने बैंक से ऋण लिया था। पड़ोसियों का कहना है कि वह नियमित रूप से बैडमिंटन खेलते थे और सामान्य व्यवहार करते थे।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को पता चला है कि गुरुवार तड़के करीब 3 बजे वह नीचे पार्किंग में गए और अपनी कार से बैडमिंटन किट लेकर वापस फ्लैट में लौटे। अनुमान लगाया जा रहा है कि उसी किट से प्लास्टिक की रस्सी निकालकर उन्होंने फंदा लगाया।

पुलिस मोबाइल डाटा की कर रही जांच

पुलिस अब मृतक के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डाटा की जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।