Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट (उत्तर प्रदेश)। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील ग्रीन-2 सोसाइटी में एक 4 साल के मासूम बच्चे को आवारा कुत्ते ने उपचार योग्य काट लिया, जिसकी घटना का फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। यह घटना स्थानीय निवासियों में चिंता पैदा कर रही है, खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए सुरक्षा को लेकर।
घटना कब और कैसे हुई
सूत्रों के अनुसार, घटना तब हुई जब बच्चा सुबह सोसाइटी के खुले इलाक़े में खेल रहा था। इसी दौरान आसपास घूम रहे एक आवारा कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। पास ही के लोगों की तेज़ आवाज़ सुनकर अन्य निवासियों ने कुत्ते को भगाया और बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद परिवार तथा अन्य लोगों ने सोसायटी प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है।
सीसीटीवी में कैद हुआ सत्य
सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज में साफ़ दिख रहा है कि कुत्ता अचानक बच्चे के पास भागा और उस पर हमला कर दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी साझा हो रहा है और लोगों को सोसाइटी में आवारा कुत्तों की समस्या पर चिंतित कर रहा है।
सुरक्षा को लेकर निवासियों की प्रतिक्रिया
निवासियों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। कई बार आवारा कुत्तों के घुमने, भौंकने और डराने की खबरें आ चुकी हैं, जिससे बच्चों और बुज़ुर्गों को सोसाइटी के बाहर निकलने में डर लगता है। उन्होंने प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
अन्य प्रयास और मांगें
सोसाइटी निवासियों ने प्रबंधन, स्थानीय पुलिस और GNIDA (ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण) से मानव तरीके से आवारा कुत्तों का नियंत्रण करने की मांग की है।
वे चाहते हैं कि:
- कुत्तों का स्टेरिलाइजेशन और वैक्सीनेशन किया जाए
- आवारा जानवरों के घूमने के रास्तों पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जाए
- सोसाइटी में विशेष नियंत्रण उपाय अपनाए जाएँ ताकि बच्चे सुरक्षित हो सकें।
बच्चों और परिवारों की चिंता
बच्चों के खेलने के स्थानों पर आवारा कुत्तों के होने से माता-पिता और बड़े लोग बेचैनी महसूस कर रहे हैं। कई परिवार सोसाइटी के बाहर खेलने और टहलने से पहले दो बार सोचते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कुत्तों का खतरा फिर कहीं सामने न आ जाए।
प्रशासनिक पहल की ज़रूरत
स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण से निवासियों को विशेष निगरानी और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है। वे चाहते हैं कि आवारा कुत्तों के खिलाफ नागरिक सुरक्षा का संतुलन बनाते हुए मानवीय और कानूनी उपाय किए जाएँ ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।
इस घटना ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को एक बार फिर सोसायटी सुरक्षा, आवारा जानवर नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सोच के लिए मजबूर कर दिया है।
