New Delhi: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए रेलवे प्रशासन नई व्यवस्था लागू कर रहा है। अब मेट्रो स्टेशन की तरह सिर्फ वैध टिकट वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए आधुनिक तकनीक वाले टर्नस्टाइल गेट लगाए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगी। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ को कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
टर्नस्टाइल गेट से होगा प्लेटफॉर्म पर प्रवेश और निकास
नई व्यवस्था के तहत रेलवे स्टेशन पर आधुनिक तकनीक वाले टर्नस्टाइल गेट लगाए जा रहे हैं। ये गेट मेट्रो स्टेशन की तरह काम करेंगे, जहां एक समय में एक ही व्यक्ति प्रवेश या निकास कर सकेगा।
- इन गेट्स के माध्यम से सिर्फ वैध टिकट रखने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति मिलेगी।
- निकास द्वारों पर भी टर्नस्टाइल गेट लगाए जाएंगे, जिससे बाहर निकलने की प्रक्रिया आसान और नियंत्रित रहेगी।
- इस व्यवस्था का परीक्षण अजमेरी गेट साइड के गेट नंबर 9 पर किया जा रहा है।
इससे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
होल्डिंग एरिया में बैठ सकेंगे 7,000 से अधिक यात्री
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम करने के लिए अजमेरी गेट की तरफ एक स्थायी होल्डिंग एरिया बनाया गया है।
- इस होल्डिंग एरिया में 7,000 से अधिक यात्री एक साथ बैठ सकते हैं।
- यहां से यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म नंबर 16 और अन्य प्लेटफॉर्म पर जाने की सुविधा दी गई है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ने से पहले एक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान पर इंतजार करने की सुविधा मिल सके।
भगदड़ की घटना के बाद बढ़ाया गया सुरक्षा पर ध्यान
रेलवे प्रशासन ने यह कदम पिछले वर्ष फरवरी में हुई भगदड़ की घटना के बाद उठाया है, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद से रेलवे स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आरक्षित और अनारक्षित यात्रियों के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक्सेस कंट्रोल सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस व्यवस्था के तहत:
- आरक्षित (Reserved) और अनारक्षित (Unreserved) यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।
- इससे यात्रियों की आवाजाही अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित होगी।
- प्रवेश द्वारों पर टिकट जांच और कतार प्रबंधन का काम रेलवे के वाणिज्यिक विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मचारी करेंगे।
यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए जा रहे नए संकेतक
यात्रियों को सही दिशा और जानकारी देने के लिए रेलवे स्टेशन पर नए संकेतक (Signboards) भी लगाए जा रहे हैं।
इन संकेतकों की मदद से यात्रियों को:
- सही प्रवेश और निकास द्वार की जानकारी मिलेगी
- प्लेटफॉर्म तक पहुंचने का रास्ता आसानी से समझ आएगा
- भीड़ के दौरान भ्रम और अव्यवस्था कम होगी
अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी लागू हो सकती है यह व्यवस्था
रेलवे प्रशासन ने इस व्यवस्था को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शुरू किया है। यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में इसी तरह की व्यवस्था अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी लागू की जा सकती है, जिससे पूरे रेलवे नेटवर्क में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बेहतर हो सके। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लागू की जा रही नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रा को अधिक व्यवस्थित बनाना है। टर्नस्टाइल गेट, होल्डिंग एरिया और अलग-अलग प्रवेश व्यवस्था जैसे कदम भविष्य में रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और सुविधा दोनों को मजबूत बनाएंगे।
